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बच्चों को स्कूल नहीं भेजेगा कश्यप समाज
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:31 AM IST
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दादरी गांव में घटना को लेकर बैठक करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। दादरी गांव में राशन कार्ड के सत्यापन को लेकर बैठक के दौरान हुए संघर्ष के मामले में कश्यप समाज की महिलाओं ने कहा जिस स्कूल में यह हमला हुआ, उस स्कूल में वे अपने बच्चों को पढ़ने नहीं भेजेंगे।
दादरी गांव में शनिवार को प्रधान नीरज कश्यप की अध्यक्षता में राशन डीलर को लेकर खुली बैठक में दो बिरादरी के लोग आमने-सामने आ गए थे और इसको लेकर संघर्ष हुआ था। इसमें 22 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद से गांव में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति है।
रविवार को पूर्व सैनिक और कश्यप समाज के नेता सुभाष चंद कश्यप गांव पहुंचे तो गांव की महिलाओं ने उन्हें बताया जिस प्राथमिक स्कूल में यह घटना हुई, वहां पर एक बिरादरी के लोगों ने पहले से ही हथियार छिपा कर रखे थे और हमले की पहले ही योजना बनाई हुई थी।
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उन्होंने कहा जब तक इस मामले का खुलासा नहीं हो जाता, तो वे अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने नहीं भेजेंगे, क्योंकि उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। इसको लेकर समाज की महिलाओं में आक्रोश है।
इस अवसर पर धर्मवीरी, कविता, मिथलेश, मुनेश, कमलेश, सरोज, शांति, केला, पूनम, गोलो, समेर आदि उपस्थित रहे।
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दादरी गांव में शनिवार को प्रधान नीरज कश्यप की अध्यक्षता में राशन डीलर को लेकर खुली बैठक में दो बिरादरी के लोग आमने-सामने आ गए थे और इसको लेकर संघर्ष हुआ था। इसमें 22 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद से गांव में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति है।
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रविवार को पूर्व सैनिक और कश्यप समाज के नेता सुभाष चंद कश्यप गांव पहुंचे तो गांव की महिलाओं ने उन्हें बताया जिस प्राथमिक स्कूल में यह घटना हुई, वहां पर एक बिरादरी के लोगों ने पहले से ही हथियार छिपा कर रखे थे और हमले की पहले ही योजना बनाई हुई थी।
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उन्होंने कहा जब तक इस मामले का खुलासा नहीं हो जाता, तो वे अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने नहीं भेजेंगे, क्योंकि उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। इसको लेकर समाज की महिलाओं में आक्रोश है।
इस अवसर पर धर्मवीरी, कविता, मिथलेश, मुनेश, कमलेश, सरोज, शांति, केला, पूनम, गोलो, समेर आदि उपस्थित रहे।