{"_id":"6240a1fedef23b1e630bf735","slug":"if-proper-compensation-is-not-given-then-we-will-not-let-you-enter-the-fields-baghpat-news-mrt582082599","type":"story","status":"publish","title_hn":"उचित मुआवजा नहीं मिला तो खेतों में नहीं घुसने देंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उचित मुआवजा नहीं मिला तो खेतों में नहीं घुसने देंगे
विज्ञापन
बागपत ::::::::: गांगनौली में आयोजित पंचायत में भाग लेते विभिन्न किसान।
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर गांगनौली में हुई 27 गांव के किसानों की पंचायत
- किसान बोले, वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर मिलना चाहिए मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे सहित अन्य समस्याओं को लेकर 27 गांव के किसानों की पंचायत हुई। किसानों ने साफ कहा कि वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, एनएएचआई और कार्यदायी संस्था के कर्मियों को खेतों में घुसने नहीं दिया जाएगा।
गांगनौली गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में रविवार को हुई पंचायत में किसानों ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की जा रही भूमि का किसानों को सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसान समस्या को लेकर जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को अवगत करा चुके है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। बताया कि टीकरी और टटीरी की कृषि योग्य भूमि को प्रशासन ने नगरीय भूमि दर्शा दिया है। इससे किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि बहुत कम हो गई है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार कृषि योग्य भूमि ग्रामीण भूमि के अंतर्गत आती है। उन्होंने मुआवजा वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर देने और सर्विस रोड, अंडरपास, विद्युत लाइन शिफ्टिंग की समस्याओं का समाधान न कराने तक अधिकारियों को अपने खेतों में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी।
पंचायत की अध्यक्षता शौराज सिंह व संचालन सतेंद्र राठी ने किया। इस दौरान मांगेराम राठी, भाकियू के राजेंद्र चौधरी नांगल, विकास प्रधान, जिला पंचायत सदस्य बसंत तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, वेद सिंह आर्य बिजरौल, सलाउद्दीन, अमित तोमर, महिपाल सिंह हिलवाड़ी, धर्मेंद्र वाजिदपुर, लुकमान सदल्लापुर, नीरज ठाकुर टटीरी, राजवीर सिंह, सुभाष तोमर कंडेरा, बिजेंद्र प्रधान, संजीव राठी, संजय बड़का, राजवीर अलावलपुर, गौरव राठी, राजकुमार नांगल, आजाद राठी, फरमान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
- किसान बोले, वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर मिलना चाहिए मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे सहित अन्य समस्याओं को लेकर 27 गांव के किसानों की पंचायत हुई। किसानों ने साफ कहा कि वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, एनएएचआई और कार्यदायी संस्था के कर्मियों को खेतों में घुसने नहीं दिया जाएगा।
गांगनौली गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में रविवार को हुई पंचायत में किसानों ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की जा रही भूमि का किसानों को सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसान समस्या को लेकर जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को अवगत करा चुके है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। बताया कि टीकरी और टटीरी की कृषि योग्य भूमि को प्रशासन ने नगरीय भूमि दर्शा दिया है। इससे किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि बहुत कम हो गई है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार कृषि योग्य भूमि ग्रामीण भूमि के अंतर्गत आती है। उन्होंने मुआवजा वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार पर देने और सर्विस रोड, अंडरपास, विद्युत लाइन शिफ्टिंग की समस्याओं का समाधान न कराने तक अधिकारियों को अपने खेतों में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
पंचायत की अध्यक्षता शौराज सिंह व संचालन सतेंद्र राठी ने किया। इस दौरान मांगेराम राठी, भाकियू के राजेंद्र चौधरी नांगल, विकास प्रधान, जिला पंचायत सदस्य बसंत तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, वेद सिंह आर्य बिजरौल, सलाउद्दीन, अमित तोमर, महिपाल सिंह हिलवाड़ी, धर्मेंद्र वाजिदपुर, लुकमान सदल्लापुर, नीरज ठाकुर टटीरी, राजवीर सिंह, सुभाष तोमर कंडेरा, बिजेंद्र प्रधान, संजीव राठी, संजय बड़का, राजवीर अलावलपुर, गौरव राठी, राजकुमार नांगल, आजाद राठी, फरमान मौजूद रहे।
विज्ञापन