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हरियाखेड़ा में खुरपका-मुंहपका का प्रकोप
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एक सप्ताह में 12 से अधिक पशुओं की हो चुकी मौत, कई बीमार
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से की टीकाकरण कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बालैनी। हरियाखेड़ा गांव में एक सप्ताह में खुरपका-मुंहपका बीमारी से 12 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। 15 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में आए हुए है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की है।
हरियाखेड़ा गांव के राकेश, संतु, उदयवीर, महावीर व सुधीर ने बताया कि खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुपालक परेशान हैं। सरकारी सुविधा न होने के कारण पशुपालक निजी चिकित्सकों से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश है। बीमारी से गांव में राकेश, संत, रामपाल, उदयवीर, महावीर, जगमाल के 12 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है और 15 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से बीमारी से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से की टीकाकरण कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बालैनी। हरियाखेड़ा गांव में एक सप्ताह में खुरपका-मुंहपका बीमारी से 12 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। 15 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में आए हुए है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की है।
हरियाखेड़ा गांव के राकेश, संतु, उदयवीर, महावीर व सुधीर ने बताया कि खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुपालक परेशान हैं। सरकारी सुविधा न होने के कारण पशुपालक निजी चिकित्सकों से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश है। बीमारी से गांव में राकेश, संत, रामपाल, उदयवीर, महावीर, जगमाल के 12 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है और 15 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से बीमारी से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की है।
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