फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   ......Give us your shelter Vani Maa Jinvani Maa

......हमको अपना आसरा दो वाणी मां जिनवाणी मां

Wed, 15 Sep 2021 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
......Give us your shelter Vani Maa Jinvani Maa
बड़ौत के श्री अजीतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दशलक्षणधर्म पर्व के पांचवे दिन पूजा करते जैन श्रद्घ? - फोटो : BARAUT
बड़ौत। श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बड़ौत में दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की पूजन की और श्रुत स्कंध विधान का आयोजन किया। इस दौरान दिव्य मंत्रों के मध्य जैन श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा का अभिषेक किया।
विज्ञापन

शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र विकास जैन खाद वालों को प्राप्त हुआ। नित्य नियम पूजन में समुच्चय पूजन, दशलक्षण पूजन और नंदीश्वर दीप की पूजन की। संगीतकार अनुपमा जैन ग्वालियर के गाए भजन हमको अपना आसरा दो वाणी मां जिनवाणी मां को विशेष रूप से सराहा गया। श्रुत स्कंध विधान की पूजन में सौधर्म इंद्र विकास जैन द्वारा जिनवाणी की अष्ट द्रव्यों से पूजन की और मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए।
विज्ञापन

पंडित चंद्रप्रकाश ग्वालियर ने कहा कि सत्य का अर्थ है यथार्थ। मोक्ष मार्ग में सत्य का अर्थ है, जो सदा सदैव है, यथार्थ है, सम्यक है, जैसा है वैसा ही है। सत्य में सर्व कल्याण की भावना निहित है। जिसका मन जितना सच्चा होगा, उसका जीवन उतना ही अच्छा होगा। विधान में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अमित जैन, विपिन जैन, संजय जैन, इंद्राणी जैन, त्रिशला जैन, रश्मि जैन, डिंपल जैन, सरला जैन शामिल रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि शाम 7 बजे मंदिर में आरती हुई और बच्चो के संगीतमय धार्मिक गेम का आयोजन किया। बुधवार को मंदिर में अजितनाथ विधान का आयोजन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की
बड़ौत। श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी नेहरू रोड के तत्वावधान में जैन धर्म का महापर्व पर्वधिराज पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड में तेरह द्वीप महामंडल विधान के अंतर्गत पंडित नेमचंद जैन के दिशा निर्देशन में सर्वप्रथम श्री जी का प्रक्षालन अभिषेक व सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन व अमित द्वारा शांतिधारा की गई। इसके बाद तेरह द्वीप महामंडल विधान में छह पूजा ,अचल मेरु के आठ वक्षार षोडस रुपाचल पश्चिम विदेह भरत क्षेत्र रूपाचल कुलाचल पूजा में चालीस मंदिर की पूजा की तथा चालीस अर्घ्य चढ़ाए। इस अवसर पर पंडित नेमचंद ने कहा ऊंचे सिंहासन बैठि वसु नृप, धर्म का भूपति भया, बच झूठ सेती नरक पहुंचा ,स्वर्ग में नारद गया ,सत्य शब्द को तो सभी जानते है। झूठ ना बोलना ही सत्य है, कभी झूठ नहीं बोलो, हमेशा सत्य बोलो।

सायंकाल के समय श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर में श्री भक्तांबर जी का विधान किया। तत्पश्चात श्री जी भव्य संगीतमय आरती की। इसके बाद प्रदीप जैन और नेमचंद ने भजनों से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। पंडित नेम चंद ने प्रश्न मंच किया। इसमें सतेंद्र जैन, नरेश, अनिल, महेंद्र, अतुल, रवि निरंजन, आदीश, गीता, उषा, ममता, मनीषा, सुनीता, पूनम शामिल रही।

बड़ौत के श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड़ पर दशलक्षणधर्म पर्व के पांचवे दिन पूजा करते जैन श्रद

बड़ौत के श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड़ पर दशलक्षणधर्म पर्व के पांचवे दिन पूजा करते जैन श्रद- फोटो : BARAUT

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed