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किसानों को बताया जैविक खेती का महत्व
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कृषि विज्ञान केंद्र पर कृषक गोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र पर कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक खेती के महत्व के बारे में बताया। इसके अलावा मौसम की जानकारी के लिए मेघदूत एप डाउनलोड करने की भी अपील की।
वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि शुद्ध खान पान की मनोस्थिति को ध्यान में रखते हुए जैविक उत्पादों की मांग बाजार में बढ़ रही है। बीजामृत, जीवामृत के साथ जैविक खेती में बैवोरिमा, बेसिमाना, ट्राइकोड्रमा चूर्ण, ट्राईकोड्रमा कार्ड, फोरोमेन ट्रेप, हाइड्रोजेल आदि विधियों का प्रयोग करना चाहिए। केंद्र के वरिष्ठ शोधकर्ता देव कुमार ने गन्ने में लगने वाले कीटों से बचाव की जानकारी दी। बताया कि परजीवी कीटों के अंडे लैब में लगाए जाते है। इन अंडों से निकलने वाले कीट गन्ने के हानिकारक कीटों के अंडो को खाकर नष्ट करते रहते है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 5-6 ट्राइको कार्ड को मार्च से अगस्त माह के बीच 6-7 बार लगाया जाता है।
विषय वस्तु विशेषज्ञ अंकिता नेगी ने बताया कि वैज्ञानिक युग में खेती भी विज्ञान से अछूती नहीं है। कृषकों को मौसम की चाल वर्षा, कोहरा, पाला, हवा की गति आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल पर मेघदूत एप डाउनलोड करना चाहिए। इससे मौसम की जानकारी प्राप्त होती रहती है। मौसम पर्यवेक्षक डॉ. गौतम कुमार ने किसानों को वर्षा के दौरान गिरने वाली बिजली से होने वाली हानि और उससे बचाव की जानकारी दी। इस दौरान अमरदीप, अनुज कुमार, अशोक कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, संदीप कुमार, खुर्शीद, अनिल कुमार, राजपाल, देवेंद्र, प्रदीप आदि किसान मौजूद रहे।
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खेकड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र पर कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक खेती के महत्व के बारे में बताया। इसके अलावा मौसम की जानकारी के लिए मेघदूत एप डाउनलोड करने की भी अपील की।
वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि शुद्ध खान पान की मनोस्थिति को ध्यान में रखते हुए जैविक उत्पादों की मांग बाजार में बढ़ रही है। बीजामृत, जीवामृत के साथ जैविक खेती में बैवोरिमा, बेसिमाना, ट्राइकोड्रमा चूर्ण, ट्राईकोड्रमा कार्ड, फोरोमेन ट्रेप, हाइड्रोजेल आदि विधियों का प्रयोग करना चाहिए। केंद्र के वरिष्ठ शोधकर्ता देव कुमार ने गन्ने में लगने वाले कीटों से बचाव की जानकारी दी। बताया कि परजीवी कीटों के अंडे लैब में लगाए जाते है। इन अंडों से निकलने वाले कीट गन्ने के हानिकारक कीटों के अंडो को खाकर नष्ट करते रहते है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 5-6 ट्राइको कार्ड को मार्च से अगस्त माह के बीच 6-7 बार लगाया जाता है।
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विषय वस्तु विशेषज्ञ अंकिता नेगी ने बताया कि वैज्ञानिक युग में खेती भी विज्ञान से अछूती नहीं है। कृषकों को मौसम की चाल वर्षा, कोहरा, पाला, हवा की गति आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल पर मेघदूत एप डाउनलोड करना चाहिए। इससे मौसम की जानकारी प्राप्त होती रहती है। मौसम पर्यवेक्षक डॉ. गौतम कुमार ने किसानों को वर्षा के दौरान गिरने वाली बिजली से होने वाली हानि और उससे बचाव की जानकारी दी। इस दौरान अमरदीप, अनुज कुमार, अशोक कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, संदीप कुमार, खुर्शीद, अनिल कुमार, राजपाल, देवेंद्र, प्रदीप आदि किसान मौजूद रहे।
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