{"_id":"66c106777644166d7e074b54","slug":"farmers-of-haryana-took-away-the-crops-of-farmers-of-nangal-by-cutting-them-baghpat-news-c-28-1-bag1001-116895-2024-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: नांगल के किसानों की फसल काटकर ले गए हरियाणा के किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: नांगल के किसानों की फसल काटकर ले गए हरियाणा के किसान
Sun, 18 Aug 2024 01:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 18 Aug 2024 01:52 AM IST
विज्ञापन
छपरौली (बागपत)। नांगल गांव के यमुना खादर में उगाई गई किसानों की 25 बीघा से अधिक ज्वार की फसल हरियाणा के खोजकीपुर गांव के किसान काटकर ले गए। जिसका किसानों ने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। किसानों ने पुलिस से फसल काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नांगल गांव के किसान विनोद कुमार, अमित, रुपेन्द्र, लोकेंद्र, राजेंद्र, राजबीर, आजाद आदि ने बताया कि सीमा विवाद की समस्या का अभी तक समाधान नहीं कराया गया। जिसके चलते पिछले कई दशक से हरियाणा के पानीपत जिले के खोजकीपुर गांव के किसान यमुना खादर में उगाई गई उनकी फसल काटकर ले जाते हैं। आरोप लगाया कि शुक्रवार को खोजकीपुर गांव के 15-20 किसान यमुना खादर में आए और खेत में खड़ी ज्वार की फसल काटने लगे।
उन्होंने यमुना खादर में जाकर फसल काटने का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट का प्रयास किया। जिसके बाद जान से मारने की धमकी देकर यमुना खादर से भगा दिया गया। जिससे नांगल गांव के किसानों को लाखों रुपये का नुकसान है। उन्होंने पुलिस से फसल काटने और धमकी देने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- यथा स्थिति बनाए रखने पर बनी थी सहमति
कुछ समय पहले यमुना खादर से गेहूं की फसल काटने पर विवाद बढ़ गया था। जिसके विरोध में नांगल समेत कई गांवों के किसानों ने यमुना खादर में धरना देकर बैठ गए थे। बाद में दोनों राज्यों के अफसरों के बीच हुई बैठक में यथा स्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी थी।
- किसानों ने जल्द पिलर लगवाने की मांग उठाई
नांगल गांव के किसानों ने बताया कि यमुना में दीक्षित अवार्ड की घोषणा के बाद से चल रहे सीमा विवाद का समाधान कराने के लिए पिलर लगवाए गए थे। जो यमुना का जलस्तर बढ़ने पर बह गए। उन्होंने जल्द पिलर लगवाकर सीमा विवाद का समाधान कराने की मांग की।
विज्ञापन
नांगल गांव के किसान विनोद कुमार, अमित, रुपेन्द्र, लोकेंद्र, राजेंद्र, राजबीर, आजाद आदि ने बताया कि सीमा विवाद की समस्या का अभी तक समाधान नहीं कराया गया। जिसके चलते पिछले कई दशक से हरियाणा के पानीपत जिले के खोजकीपुर गांव के किसान यमुना खादर में उगाई गई उनकी फसल काटकर ले जाते हैं। आरोप लगाया कि शुक्रवार को खोजकीपुर गांव के 15-20 किसान यमुना खादर में आए और खेत में खड़ी ज्वार की फसल काटने लगे।
विज्ञापन
उन्होंने यमुना खादर में जाकर फसल काटने का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट का प्रयास किया। जिसके बाद जान से मारने की धमकी देकर यमुना खादर से भगा दिया गया। जिससे नांगल गांव के किसानों को लाखों रुपये का नुकसान है। उन्होंने पुलिस से फसल काटने और धमकी देने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- यथा स्थिति बनाए रखने पर बनी थी सहमति
कुछ समय पहले यमुना खादर से गेहूं की फसल काटने पर विवाद बढ़ गया था। जिसके विरोध में नांगल समेत कई गांवों के किसानों ने यमुना खादर में धरना देकर बैठ गए थे। बाद में दोनों राज्यों के अफसरों के बीच हुई बैठक में यथा स्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी थी।
- किसानों ने जल्द पिलर लगवाने की मांग उठाई
नांगल गांव के किसानों ने बताया कि यमुना में दीक्षित अवार्ड की घोषणा के बाद से चल रहे सीमा विवाद का समाधान कराने के लिए पिलर लगवाए गए थे। जो यमुना का जलस्तर बढ़ने पर बह गए। उन्होंने जल्द पिलर लगवाकर सीमा विवाद का समाधान कराने की मांग की।