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चौधरी अजित सिंह के निधन पर इन लोगो ने दी प्रतिक्रियाएं-------
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बड़ौत। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के निधन से किसान राजनीति में खालीपन आ गया है। उन्होंने किसानों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष किया। वहीं, उनका सरल एवं जीवन लोगों को आकर्षित करता रहा। इसके चलते क्षेत्र के लोग उन्हें दिल चाहते थे।
युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेेद्र तोमर ने कहा कि किसानों के मसीहा का यूं चले जाने को भुला नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सदभाव की तमाम मिसाल भी पेश की हैं। वहीं, पूर्व प्रमुख सतेेंद्र मलिक का कहना है कि किसान आंदोलन को बचाने के लिए सबसे पहले सरकार को चेतावनी दी थी। वहीं, उन्होंने जाटों को केंद्र में आरक्षण दिलाया। जिसे बाद में भाजपा सरकार ने ख़त्म कर दिया। पूर्व राज्यमंत्री डॉ. ओमवीर सिंह तोमर ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह का देहांत बहुत दुखद है। यूं भी आज किसान राजनीति में नेतृत्व का बड़ा अभाव है। दिवंगत किसान नेता को दुखी मन से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
रालोद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेशध्यक्ष कर्नल ब्रहमपाल सिंह तोमर ने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, छात्र, महिला व समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज बने थे। परिजनों तथा समर्थकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन ने कहा कि हमारे क्षेत्र की कदावर हस्ती, किसानों के मसीहा चौधरी अजित सिंह से जब भी मिले, हंसते-मुस्कुुराते ही रहे। मैंने अपने जीवन में ऐसा समभावी नेता नहीं देखा।
पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भाजपा विनोद जैन ने कहा कि चौधरी अजित सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों व मजदूरों के लिए संघर्ष किया। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी ने कहा कि उनके जाने से मन बहुत दुखी है। वहीं, थांबेदार चौधरी ब्रजपाल व किसान नेता विक्रम सिंह राणा सहित बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि ऐसा नेता दोबारा होना मुश्किल है।
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युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेेद्र तोमर ने कहा कि किसानों के मसीहा का यूं चले जाने को भुला नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सदभाव की तमाम मिसाल भी पेश की हैं। वहीं, पूर्व प्रमुख सतेेंद्र मलिक का कहना है कि किसान आंदोलन को बचाने के लिए सबसे पहले सरकार को चेतावनी दी थी। वहीं, उन्होंने जाटों को केंद्र में आरक्षण दिलाया। जिसे बाद में भाजपा सरकार ने ख़त्म कर दिया। पूर्व राज्यमंत्री डॉ. ओमवीर सिंह तोमर ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह का देहांत बहुत दुखद है। यूं भी आज किसान राजनीति में नेतृत्व का बड़ा अभाव है। दिवंगत किसान नेता को दुखी मन से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
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रालोद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेशध्यक्ष कर्नल ब्रहमपाल सिंह तोमर ने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, छात्र, महिला व समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज बने थे। परिजनों तथा समर्थकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन ने कहा कि हमारे क्षेत्र की कदावर हस्ती, किसानों के मसीहा चौधरी अजित सिंह से जब भी मिले, हंसते-मुस्कुुराते ही रहे। मैंने अपने जीवन में ऐसा समभावी नेता नहीं देखा।
पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भाजपा विनोद जैन ने कहा कि चौधरी अजित सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों व मजदूरों के लिए संघर्ष किया। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी ने कहा कि उनके जाने से मन बहुत दुखी है। वहीं, थांबेदार चौधरी ब्रजपाल व किसान नेता विक्रम सिंह राणा सहित बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि ऐसा नेता दोबारा होना मुश्किल है।