फरीद के हत्यारोपी दोनों सिपाही बर्खास्त
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बागपत क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम का कांस्टेबल रघुवीर शहर के यमुना रोड पर विजय के मकान में किराये पर रहता था। 27 अप्रैल को उसके मकान में शहर के ही देवी चौक निवासी युवक फरीद की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के पिता रियाज ने दो कांस्टेबल (रघुवीर और जितेंद्र), भाकियू नेता चमन सिंह के दो बेटे सोनू और मोनू तथा हितैष पर फरीद की हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसको लेकर शहर में बवाल हुआ था।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र, सोनू, मोनू और हितैष को 28 तारीख को गिरफ्तार कर लिया था। एसपी ने दोनों आरोपी कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया था और केस की जांच एएसपी को सौंपी थी। पुलिस ने गिरफ्तार चारो आरोपियों को 29 तारीख को कोर्ट में पेश किया था। वहां से उन्हें जेल भेजा। एएसपी अजीजुल हक ने केस की जांच पूरी कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी।
मामला शासन तक पहुंचने पर एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया। एसपी रवि शंकर छवि ने कहा आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र और रघुवीर को बर्खास्त कर दिया। फरार चल रहे आरोपी कांस्टेबल रघुवीर की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
सिपाही समेत तीनों युवकों को बताया निर्दोष
बागपत (ब्यूरो)। फरीद की मौत के मामले में एक सिपाही समेत तीन युवकों को झूठा फंसाने के आरोप लगा शनिवार को हिंदू समाज की बैठक में रोष व्यक्त किया । इसमें एक समिति का गठन किया। वक्ताओं ने कहा राजनीति दबाव में आकर पुलिस ने एक सिपाही सहित तीन युवकों को झूठा फंसाया गया है। शनिवार को राजपूत विकास मंच के बैनर तले हिंदू समाज के लोगों की बैठक वात्सायन पैलेस में हुई।
जपूत विकास मंच के अध्यक्ष अजय चौहान ने कहा तीन दिन पूर्व फरीद नाम के युवक की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में राजनीति दबाव के चलते सिपाही समेत चार बेगुनाह युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। हत्याकांड में सिपाही जितेंद्र, सोनू, मोनू और हितैष का कोई लेना देना नहीं है। हत्याकांड में जल्द पुलिस ने निर्दोषों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए तो इसके विरोध में राजपूत विकास मंच के बैनर तले हिंदू समाज के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। हिंदू समाज की बैठक में एक समिति का गठन किया।
इसके अध्यक्ष अजय चौहान एवं एडवोकेट रामपाल नेहरा, प्रताप गुर्जर, मास्टर रघुवीर सिंह, व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा, खेकड़ा ब्लाक प्रमुख जितेंद्र धामा, राकेश आर्य समिति में सदस्य बनाया। समिति ने जिलाधिकारी और एसपी को ज्ञापन सौंपा। इसमें चारों निर्देशों को जल्द रिहा करने की अपील की। इस दौरान राजेश चौहान, प्रेमशंकर शर्मा, सर्वजीत सिंह, सुधारस चौहान, कृष्णपाल बाघू, योगेश प्रधान, धर्म सिंह विकल, मोनू चौहान, राहुल शर्मा, तेजपाल आदि मौजूद रहे।