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पूर्व ब्लाक प्रमुख देवेंद्र समेत चार पर होगी एफआईआर
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:18 AM IST
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बागपत। घिटौरा गांव की प्रधान अमरीता का आरोप है कि पूर्व ब्लाक प्रमुख देवेंद्र ने नायब तहसीलदार और लेखपाल से सेटिंग कर धोखाधड़ी एवं जालसाजी से ग्राम सभा की भूमि पर स्कूल का निर्माण कर दिया है। जोकि गलत है। इस मामले में कोर्ट ने चारों आरोपियों के खिलाफ खेकड़ा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
घिटौरा गांव की प्रधान अमरीता के शिकायत पत्र के मुताबिक गांव की ग्राम सभा की कुछ भूमि का 1972 में तत्कालीन प्रधान द्वारा पट्टा आवंटित कर दिया था। इस पर विवाद हो गया था। बाद में यह भूमि मंदिर और धर्मशाला के लिए स्वीकृत हो गई थी। आरोप है श्रीराम ट्रस्ट के अध्यक्ष देवेंद्र प्रमुख और प्रबंधक अंतराम ने तत्कालीन लेखपाल सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार राम दयाल से मिल कर मंदिर और धर्मशाला के साथ फर्जी तरीके से स्कूल भी दर्ज करा लिया था और स्कूल की मान्यता ले ली थी।
इसकी अफसरों से शिकायत की । पांच दिसंबर 2004 को स्कूल की तत्कालीन बीएसए ने मान्यता निरस्त कर दी थी। अफसरों ने मामले की जांच की। रिपोर्ट में स्कूल को गलत बनाया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की डीएम और एसपी से शिकायत की, लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में कोर्ट की शरण ली।
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अधिवक्ता नरेंद्र पंवार बली ने कहा सीजेएम कोर्ट ने आरोपी अंतराम, पूर्व प्रमुख देवेंद्र, लेखपाल सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार राम दयाल के खिलाफ खेकड़ा थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है। उधर, खेकड़ा के पूर्व ब्लाक प्रमुख देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए आरोप पूरी तरह से गलत है। उनकी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत झूठा आरोप लगाया गया है।
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घिटौरा गांव की प्रधान अमरीता के शिकायत पत्र के मुताबिक गांव की ग्राम सभा की कुछ भूमि का 1972 में तत्कालीन प्रधान द्वारा पट्टा आवंटित कर दिया था। इस पर विवाद हो गया था। बाद में यह भूमि मंदिर और धर्मशाला के लिए स्वीकृत हो गई थी। आरोप है श्रीराम ट्रस्ट के अध्यक्ष देवेंद्र प्रमुख और प्रबंधक अंतराम ने तत्कालीन लेखपाल सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार राम दयाल से मिल कर मंदिर और धर्मशाला के साथ फर्जी तरीके से स्कूल भी दर्ज करा लिया था और स्कूल की मान्यता ले ली थी।
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इसकी अफसरों से शिकायत की । पांच दिसंबर 2004 को स्कूल की तत्कालीन बीएसए ने मान्यता निरस्त कर दी थी। अफसरों ने मामले की जांच की। रिपोर्ट में स्कूल को गलत बनाया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की डीएम और एसपी से शिकायत की, लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में कोर्ट की शरण ली।
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अधिवक्ता नरेंद्र पंवार बली ने कहा सीजेएम कोर्ट ने आरोपी अंतराम, पूर्व प्रमुख देवेंद्र, लेखपाल सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार राम दयाल के खिलाफ खेकड़ा थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है। उधर, खेकड़ा के पूर्व ब्लाक प्रमुख देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए आरोप पूरी तरह से गलत है। उनकी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत झूठा आरोप लगाया गया है।