{"_id":"602172cc8ebc3e74531d47f5","slug":"cyber-cafe-operator-awarded-25-years-rigorous-imprisonment-in-gang-rape-baghpat-news-mrt524395676","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामूहिक दुष्कर्म में साइबर कैफे संचालक को 25 साल सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामूहिक दुष्कर्म में साइबर कैफे संचालक को 25 साल सश्रम कारावास
विज्ञापन
बागपत। कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले साइबर कैफे संचालक को अदालत ने 25 साल सश्रम कैद की सजा सुनाई है। एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट शैलजा राठी ने फैसला सुनाया। अभियुक्त को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इस मामले के एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
एडीजीसी फौजदारी अनुज ढाका, एडीजीसी राजीव तोमर और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक कस्बा निवासी किशोरी 27 जून 2015 को साइबर कैफे पर स्कॉलरशिप का ऑनलाइन फार्म भरवाने के लिए गई थी। कैफे संचालक दीपक गुप्ता ने कंप्यूटर खराब होने की बात कहकर दूसरी जगह फार्म भरवाने का झांसा दिया। वह किशोरी को लेकर कस्बे के ही दीपक उर्फ पिंटू की दुकान पर पहुंचा। फार्म भरवाने के बहाने दोनों ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिवार को मामले की जानकारी दी। अगले दिन पीड़ित परिवार ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी, 506 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में दोनों की जमानत हो गई थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान बीमारी के चलते दीपक उर्फ पिंटू की मौत हो गई।
सोमवार को एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट शैलजा राठी ने प्रकरण की सुनवाई की। अभियुक्त दीपक गुप्ता को धारा 376 डी में 25 साल सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में तीन साल कैद और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को देनी होगी। सुनवाई के बाद अभियुक्त को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीजीसी फौजदारी अनुज ढाका, एडीजीसी राजीव तोमर और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक कस्बा निवासी किशोरी 27 जून 2015 को साइबर कैफे पर स्कॉलरशिप का ऑनलाइन फार्म भरवाने के लिए गई थी। कैफे संचालक दीपक गुप्ता ने कंप्यूटर खराब होने की बात कहकर दूसरी जगह फार्म भरवाने का झांसा दिया। वह किशोरी को लेकर कस्बे के ही दीपक उर्फ पिंटू की दुकान पर पहुंचा। फार्म भरवाने के बहाने दोनों ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिवार को मामले की जानकारी दी। अगले दिन पीड़ित परिवार ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी, 506 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में दोनों की जमानत हो गई थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान बीमारी के चलते दीपक उर्फ पिंटू की मौत हो गई।
विज्ञापन
सोमवार को एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट शैलजा राठी ने प्रकरण की सुनवाई की। अभियुक्त दीपक गुप्ता को धारा 376 डी में 25 साल सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में तीन साल कैद और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को देनी होगी। सुनवाई के बाद अभियुक्त को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन