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फर्जी जन्म प्रमाणपत्र से पानीपत में बन गई सरपंच
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:49 AM IST
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बागपत। नगर पालिका बागपत से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है। महिला ने पालिका से फर्जी प्रमाणपत्र लेकर पानीपत के जाम्बा गांव की सरपंच उम्मीदवार का चुनाव लड़ा और जीत गई। आरटीआई से मांगी गई जानकारी में प्रमाणपत्र के फर्जी होने का खुलासा हुआ है। अधिवक्ता ने पालिका अधिकारियों को प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
बागपत के पुराना कस्बा निवासी पीतम की बेटी अंजू का विवाह हरियाणा के पानीपत जिले के जाम्बा गांव में हुआ है। अंजू ने जाम्बा गांव के सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत भी गईं। निर्वाचन के बाद आरटीआई में खुलासा हुआ कि अंजू ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का प्रयोग किया था। अंजू के सामने चुनाव लड़ी कलश के पति और पानीपत में अधिवक्ता नरेंद्र कुमार ने बताया कि सरपंच की वास्तविक जन्म तिथि 26 अक्तूबर 1997 है, जबकि चुनाव में दो जनवरी 1990 की जन्मतिथि का प्रयोग किया गया है। बागपत पालिका से यह जन्म प्रमाणपत्र जारी किया गया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अंजू के जन्म प्रमाणपत्र की जांच की तो वास्तविक जन्मतिथि 26 अक्तूबर 1997 ही निकली। अधिवक्ता ने नगरपालिका के ईओ को पत्र भेजकर फर्जी प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की मांग की। इसके अलावा गलत प्रमाणपत्र जारी करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ता का कहना है कि वह अदालत में अंजू के निर्वाचन को भी चुनौती देंगे। नगरपालिका बागपत के ईओ ललित आर्य का कहना है कि वह जांच करा रहे हैं। जिस स्तर से भी गलती हुई है कार्रवाई की जाएगी।
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बागपत के पुराना कस्बा निवासी पीतम की बेटी अंजू का विवाह हरियाणा के पानीपत जिले के जाम्बा गांव में हुआ है। अंजू ने जाम्बा गांव के सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत भी गईं। निर्वाचन के बाद आरटीआई में खुलासा हुआ कि अंजू ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का प्रयोग किया था। अंजू के सामने चुनाव लड़ी कलश के पति और पानीपत में अधिवक्ता नरेंद्र कुमार ने बताया कि सरपंच की वास्तविक जन्म तिथि 26 अक्तूबर 1997 है, जबकि चुनाव में दो जनवरी 1990 की जन्मतिथि का प्रयोग किया गया है। बागपत पालिका से यह जन्म प्रमाणपत्र जारी किया गया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अंजू के जन्म प्रमाणपत्र की जांच की तो वास्तविक जन्मतिथि 26 अक्तूबर 1997 ही निकली। अधिवक्ता ने नगरपालिका के ईओ को पत्र भेजकर फर्जी प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की मांग की। इसके अलावा गलत प्रमाणपत्र जारी करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ता का कहना है कि वह अदालत में अंजू के निर्वाचन को भी चुनौती देंगे। नगरपालिका बागपत के ईओ ललित आर्य का कहना है कि वह जांच करा रहे हैं। जिस स्तर से भी गलती हुई है कार्रवाई की जाएगी।
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