{"_id":"69557489b5eb72a937057855","slug":"crime-news-baghpat-news-c-26-1-sal1002-156636-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: लोन के 5.73 लाख का गबन, कर्मचारी पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: लोन के 5.73 लाख का गबन, कर्मचारी पर प्राथमिकी दर्ज
विज्ञापन
शामली। लोन की वसूली और जमा की जिम्मेदारी संभाल रहे एक फाइनेंस कंपनी कर्मचारी पर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगा है। ऑडिट के दौरान मामला सामने आने के बाद कंपनी प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर जांच शुरू कर दी गई है।
नागल गांव निवासी अनूप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड एक आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्था है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म एवं लघु ऋण वितरित करती है। संस्था की शाखा भगीरथ विहार कॉलोनी, शामली में संचालित है।
शिकायत के अनुसार, सहारनपुर के फतेहपुर निवासी मोहम्मद आमिर खान कंपनी में सीआरओ यानी कस्टम रिलेशन ऑफिसर पद पर कार्यरत था। उसके जिम्मे ऋण की राशि का संग्रह और वितरण था। कंपनी पदाधिकारियों द्वारा कराई गई ऑडिट में खुलासा हुआ कि विभिन्न ऋणधारकों से वसूली गई करीब पांच लाख 73 हजार रुपये की रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई गई। आरोप है कि उक्त राशि आरोपी कर्मचारी ने अपने निजी उपयोग में खर्च कर ली।
विज्ञापन
बताया गया कि आरोपी ने कई बार रकम जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं की। इसे कंपनी के साथ धोखाधड़ी मानते हुए पुलिस में तहरीर दी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
नागल गांव निवासी अनूप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड एक आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्था है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म एवं लघु ऋण वितरित करती है। संस्था की शाखा भगीरथ विहार कॉलोनी, शामली में संचालित है।
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार, सहारनपुर के फतेहपुर निवासी मोहम्मद आमिर खान कंपनी में सीआरओ यानी कस्टम रिलेशन ऑफिसर पद पर कार्यरत था। उसके जिम्मे ऋण की राशि का संग्रह और वितरण था। कंपनी पदाधिकारियों द्वारा कराई गई ऑडिट में खुलासा हुआ कि विभिन्न ऋणधारकों से वसूली गई करीब पांच लाख 73 हजार रुपये की रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई गई। आरोप है कि उक्त राशि आरोपी कर्मचारी ने अपने निजी उपयोग में खर्च कर ली।
विज्ञापन
बताया गया कि आरोपी ने कई बार रकम जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं की। इसे कंपनी के साथ धोखाधड़ी मानते हुए पुलिस में तहरीर दी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।