{"_id":"61e1acca8e9a903be16461ce","slug":"confusion-about-the-examination-in-basic-schools-baghpat-news-mrt573331729","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेसिक विद्यालयों में परीक्षा को लेकर असंमजस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेसिक विद्यालयों में परीक्षा को लेकर असंमजस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामले को देखते हुए बनी स्थिति
अफसर कर रहे शासन के आदेशों का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए इस बार भी बेसिक विद्यालयों में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्षिक परीक्षा का समय आने वाला है। मगर, अभी तक विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी नहीं हुई है। पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत किया जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्ष से स्कूलों में परीक्षा नहीं हुई है। कोरोना महामारी फैलने से पहले सितंबर माह के अंत या अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन कराया जाता था। इस बार भी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की परीक्षा को लेकर असमंजस है। कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए स्कूल खुलने के आसार कम नजर आ रहे है। इससे परीक्षा होना भी मुश्किल सा लग रहा है। विधान सभा चुनाव के चलते दस मार्च तक परीक्षा होना संभव नहीं है। अगर परीक्षा हुई तो दस मार्च के बाद ही शुरू होगी। अभी तक विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी नहीं हुई है। संक्रमण के कारण दो साल से बच्चों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। बीएसए राघवेंद्र सिंह का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा अपने स्तर से मासिक और तिमाही टेस्ट कराए जाते है। परीक्षा को लेकर शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले है। शासन से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।
530 परिषदीय विद्यालय
जिले में 530 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 332 प्राथमिक, 62 कंपोजिट और 136 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इनमें लगभग 95 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत है।
विज्ञापन
अफसर कर रहे शासन के आदेशों का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए इस बार भी बेसिक विद्यालयों में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्षिक परीक्षा का समय आने वाला है। मगर, अभी तक विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी नहीं हुई है। पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत किया जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्ष से स्कूलों में परीक्षा नहीं हुई है। कोरोना महामारी फैलने से पहले सितंबर माह के अंत या अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन कराया जाता था। इस बार भी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की परीक्षा को लेकर असमंजस है। कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए स्कूल खुलने के आसार कम नजर आ रहे है। इससे परीक्षा होना भी मुश्किल सा लग रहा है। विधान सभा चुनाव के चलते दस मार्च तक परीक्षा होना संभव नहीं है। अगर परीक्षा हुई तो दस मार्च के बाद ही शुरू होगी। अभी तक विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी नहीं हुई है। संक्रमण के कारण दो साल से बच्चों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। बीएसए राघवेंद्र सिंह का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा अपने स्तर से मासिक और तिमाही टेस्ट कराए जाते है। परीक्षा को लेकर शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले है। शासन से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
530 परिषदीय विद्यालय
जिले में 530 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 332 प्राथमिक, 62 कंपोजिट और 136 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इनमें लगभग 95 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत है।