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सबको साथ लेकर चलने की सीख देते थे छोटे चौधरी

Sat, 08 May 2021 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 12:04 AM IST
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Chote Chaudhary used to teach everyone to take along
बागपत। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के जाने के बाद बागपत के लोगों के दिलों में उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। छोटे चौधरी हमेशा सबको साथ लेकर चलने की सीख पार्टी नेताओं को देते थे। राजनीति के क्षेत्र में उनके जैसी सादगी वाली शख्सियत अब कहीं नहीं दिखती है। चार बार केंद्रीय मंत्री बनने के बाद भी वह कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों के लिए सहज उपलब्ध हो जाते थे। उनका दिल ऐसा था कि किसी की परेशानी उनसे देखी नहीं जाती थी।
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बागपत के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर बताते हैं कि वर्ष 2018 में उनके पास जयंत चौधरी का फोन आया। उन्होंने हमारे गांव नौरोजपुर में सरदार पटेल की जयंती पर कार्यक्रम कराने को कहा। जिसमें चौधरी अजित सिंह को भी आना था। मात्र तीन दिन का समय था। पार्टी के सहयोग से ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। चौधरी अजित सिंह को घोड़ी पर बैठाकर मंच तक लाया गया। कार्यक्रम की भव्यता देख चौधरी साहब बहुत खुश हुए और मेरा हाथ को पकड़कर बोले कि सुभाष अपने व्यवहार से इस समस्त सरदारी के भाईचारे को जिंदा रखना है, सबको साथ लेकर चलना है। कार्यक्रम में चौधरी साहब को मैंने हुक्का भरकर दिया। उन्होंने खूब गुड़गुड़ाया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आज मंच पर सुभाष प्रमुख ने जो हुक्का रखा है, यह हुक्का हमारी गांवों की सामाजिक धरोहर है। सामाजिक तानेबाने का प्रतीक है। बैठकों और चौपालों की शान और स्वाभिमान है। जहां बैठकर सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर बड़े-बड़े निर्णय लिए जाते हैं। यह हुक्का बदलाव एवं इंकलाब का है। हमें शिष्टाचार के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे को जिंदा रखना है। चौधरी साहब की कही गई बातें मेरे लिए हमेशा अनुकरणीय रहेगी।
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फोन करके आया करो
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे की पूर्व चेयरमैन संतोष देवी के पति सेवानिवृत्त शिक्षक विजय पाल सिंह ने बताया कि चौधरी अजित सिंह सादगी वाले व्यक्ति थे। सभी का सम्मान करते थे। किसी को परेशान होते नहीं देख सकते थे। मुझे कई बार कहा कि जब भी आप आओ तो फोन करके आया करो। आप आते हो और मैं न मिलूं तो मुझे अच्छा नहीं लगता है। उनके चले जाने से किसानों के लिए संघर्ष करने वाला नहीं रहा। उन्होंने बताया कि जब उनकी पत्नी सन 1996 में नगर पंचायत चेयरपर्सन थी तो उन्होंने नगर पंचायत को अपनी सांसद निधि से दो लाख रुपये सफाई उपकरण व पांच लाख खड़ंजा आदि के लिए दिए थे। कई और कार्य भी उन्होंने क्षेत्र में कराए।
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वह पल परिवार के लिए ऐतिहासिक
दोघट। वर्ष 1986 में जब चौधरी अजित सिंह राजनीति में नए-नए थे। उस समय दोघट में राम सिंह पंवार के घर आए थे। एजीडीसी सुनील कुमार पंवार ने बताया कि वह पल हमारे परिवार के लिए बड़ा महत्वपूर्ण था। उस समय विधायक भोपाल सिंह, एमएलसी जगत सिंह भी आए थे। चौधरी अजित सिंह किसानों के नेता थे। उनके जाने से किसानों व मजदूरों को भारी क्षति हुई है।
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