{"_id":"663ff53f93ddb706c10c9924","slug":"brother-and-sister-died-due-to-falling-of-bricks-on-the-kiln-baghpat-news-c-28-1-bag1001-112918-2024-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: भट्ठे पर ईंटों की ढांग गिरने से दबकर भाई-बहन की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: भट्ठे पर ईंटों की ढांग गिरने से दबकर भाई-बहन की मौत
Sun, 12 May 2024 04:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 12 May 2024 04:16 AM IST
विज्ञापन
अमीनगर सराय। ग्वालीखेड़ा गांव के जंगल में भट्ठे पर ईंटों की ढांग गिरने से भाई-बहन की दबने से मौत हो गई। मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला। उधर भट्ठा संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने कई घंटे तक हंगामा किया।
खिंदौड़ा गांव का रहने वाला सलमान अपने परिवार के साथ बालाजी ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करता है। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सलमान ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था और उसने बेटे तालिब (3) औऱ बेटी सिदरा (5) पास में चारपाई पर बैठा रखे थे। तभी वहां ईंटों की एक ढांग गिर गई। जिसके नीचे तालिब औऱ सिदरा भी दब गए। ढांग गिरते ही आसपास काम कर रहे मजदूर दौड़कर वहां पहुंचे और बच्चों को निकालने में जुट गए। जहां कड़ी मशक्कत के बाद मजदूरों ने दोनों भाई-बहन को बाहर निकाला तो उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे का पता चलते ही खिंदौड़ा व अन्य गांवों के ग्रामीण भी भट्ठे पर पहुंच गए और भट्ठा मालिक के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर ईंट भट्ठे का मुनीम बचकर भाग गया। वहां पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन मृतकों के परिजनों ने मना कर दिया। इसके बाद परिवार वाले दोनों शवों को साथ ले गए। बिनौली थाना प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने इसे एक हादसा बताते हुए कार्रवाई और पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए लिखकर दिया। अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों के शवों को परिजनों को सुपुर्द किया गया।
-- -- -- -- -- -मालिक पर लगे आरोप तो भाग गया मुनीम
मजदूरों ने ईंट भट्ठा मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जहां हंगामा बढ़ने पर ईंट भट्ठे का मुनीम चुपचाप भाग गया। जिसके बाद हंगामा बढ़ गया।
विज्ञापन
मजदूर बोले, पहले जता दी थी हादसे की आशंका
हंगामा कर रहे मजदूर तैय्यब, शौकीन आदि ने बताया कि ईंट भट्ठा शुरू होते समय ढांग ज्यादा ऊंची कर दी गई थी। जो नियम विरुद्ध है। उन्होंने तभी ढांग की ऊंचाई कम करने के लिए कहा और हादसे की आशंका भी जता दी थी। लेकिन ईंट भट्ठा मालिक ने सुनवाई नहीं की और शनिवार को हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई।
-- -- -- -- -- -- -
ईंट भट्ठे पर पहुंचे अफसरों ने की जांच
हादसे के बाद एसडीएम अविनाश त्रिपाठी ईंट भट्ठे पर पहुंचे। जिन्होंने घटनास्थल की जांच की और मृतकों के परिवार वालों से बातचीत कर मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
-- -- -- -- -- -- --
उजड़ गई ममता, बिलखती रही मां
मजदूरों ने बताया कि सलमान रोजाना सुबह जल्दी ईंट भट्ठे पर परिवार के साथ आ जाता था। जिसके बाद बच्चों को चारपाई पर बैठाकर मजदूरी करने लगता था। उसकी पत्नी जायदा भी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करती थी और समय समय पर बच्चों की देखभाल भी करती रहती थी। शनिवार को हुए हादसे में ममता उजड़ गई और सलमान की पत्नी बिलखती रही। अब सलमान के परिवार में एक बेटी रह गई है।
विज्ञापन
खिंदौड़ा गांव का रहने वाला सलमान अपने परिवार के साथ बालाजी ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करता है। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सलमान ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था और उसने बेटे तालिब (3) औऱ बेटी सिदरा (5) पास में चारपाई पर बैठा रखे थे। तभी वहां ईंटों की एक ढांग गिर गई। जिसके नीचे तालिब औऱ सिदरा भी दब गए। ढांग गिरते ही आसपास काम कर रहे मजदूर दौड़कर वहां पहुंचे और बच्चों को निकालने में जुट गए। जहां कड़ी मशक्कत के बाद मजदूरों ने दोनों भाई-बहन को बाहर निकाला तो उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे का पता चलते ही खिंदौड़ा व अन्य गांवों के ग्रामीण भी भट्ठे पर पहुंच गए और भट्ठा मालिक के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर ईंट भट्ठे का मुनीम बचकर भाग गया। वहां पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन मृतकों के परिजनों ने मना कर दिया। इसके बाद परिवार वाले दोनों शवों को साथ ले गए। बिनौली थाना प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने इसे एक हादसा बताते हुए कार्रवाई और पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए लिखकर दिया। अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों के शवों को परिजनों को सुपुर्द किया गया।
विज्ञापन
मजदूरों ने ईंट भट्ठा मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जहां हंगामा बढ़ने पर ईंट भट्ठे का मुनीम चुपचाप भाग गया। जिसके बाद हंगामा बढ़ गया।
विज्ञापन
मजदूर बोले, पहले जता दी थी हादसे की आशंका
हंगामा कर रहे मजदूर तैय्यब, शौकीन आदि ने बताया कि ईंट भट्ठा शुरू होते समय ढांग ज्यादा ऊंची कर दी गई थी। जो नियम विरुद्ध है। उन्होंने तभी ढांग की ऊंचाई कम करने के लिए कहा और हादसे की आशंका भी जता दी थी। लेकिन ईंट भट्ठा मालिक ने सुनवाई नहीं की और शनिवार को हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई।
ईंट भट्ठे पर पहुंचे अफसरों ने की जांच
हादसे के बाद एसडीएम अविनाश त्रिपाठी ईंट भट्ठे पर पहुंचे। जिन्होंने घटनास्थल की जांच की और मृतकों के परिवार वालों से बातचीत कर मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
उजड़ गई ममता, बिलखती रही मां
मजदूरों ने बताया कि सलमान रोजाना सुबह जल्दी ईंट भट्ठे पर परिवार के साथ आ जाता था। जिसके बाद बच्चों को चारपाई पर बैठाकर मजदूरी करने लगता था। उसकी पत्नी जायदा भी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करती थी और समय समय पर बच्चों की देखभाल भी करती रहती थी। शनिवार को हुए हादसे में ममता उजड़ गई और सलमान की पत्नी बिलखती रही। अब सलमान के परिवार में एक बेटी रह गई है।