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Baghpat News: जिला अस्पताल में अब मशीन से होगी दिमाग की जांच
Sat, 11 May 2024 01:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 11 May 2024 01:08 PM IST
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बागपत। जिला अस्पताल में ईईजी मशीन से दिमाग की जांच होगी। अस्पताल में शुक्रवार से ईईजी (इलेक्ट्रो इन्सेफलोग्राम) मशीन शुरू हो गई है। अस्पताल में जांच शुरू होने से मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अस्पताल में आने वाले मानसिक रोगियों की पहले मनकक्ष में काउंसलिंग कराई जाती है। उसके बाद मशीन से जांच कराकर इलाज कराया जाएगा।
जिला अस्पताल में दिमाग की जांच के लिए शासन ने ईईजी (इलेक्ट्रो इन्सेफलोग्राम) मशीन भिजवाई थी। जिला अस्पताल में मनोरोगी कक्ष बनाकर मशीन को इंस्टॉल कराने के लिए इंजीनियर की मांग की थी। अस्पताल में शुक्रवार को मशीन को इंस्टॉल कराकर मस्तिष्क की जांच शुरु हो गई है। मशीन से दौरा पड़ना, झटका आना, सिर में चोट लगने पर किस हिस्से को नुकसान पहुंचा, सिर दर्द, याद्दाश्त का कम होना की जांच की जाती है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पहले मनोरोगी की काउंसलिंग करते हैं। उसके बाद मशीन से मरीज की जांच की जाती है और उसी के आधार पर इलाज शुरू कराया जाता है। मशीन से मरीज के दिमाग के किस हिस्से में चोट या परेशानी है, इसका आसानी से पता लग जाता है और फिर उसी आधार पर इलाज शुरू किया जाता है।
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वर्जन- मशीन को इंस्टाल कराकर मरीजों की जांच शुरू करा दी है। मशीन शुरू होने से मानसिक रोगियों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। - डॉ. एस के चौधरी, सीएमएस
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जिला अस्पताल में दिमाग की जांच के लिए शासन ने ईईजी (इलेक्ट्रो इन्सेफलोग्राम) मशीन भिजवाई थी। जिला अस्पताल में मनोरोगी कक्ष बनाकर मशीन को इंस्टॉल कराने के लिए इंजीनियर की मांग की थी। अस्पताल में शुक्रवार को मशीन को इंस्टॉल कराकर मस्तिष्क की जांच शुरु हो गई है। मशीन से दौरा पड़ना, झटका आना, सिर में चोट लगने पर किस हिस्से को नुकसान पहुंचा, सिर दर्द, याद्दाश्त का कम होना की जांच की जाती है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पहले मनोरोगी की काउंसलिंग करते हैं। उसके बाद मशीन से मरीज की जांच की जाती है और उसी के आधार पर इलाज शुरू कराया जाता है। मशीन से मरीज के दिमाग के किस हिस्से में चोट या परेशानी है, इसका आसानी से पता लग जाता है और फिर उसी आधार पर इलाज शुरू किया जाता है।
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वर्जन- मशीन को इंस्टाल कराकर मरीजों की जांच शुरू करा दी है। मशीन शुरू होने से मानसिक रोगियों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। - डॉ. एस के चौधरी, सीएमएस
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