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भागवत कथा में सांसारिक दु:खों से मुक्त कराती है
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। पट्टी ढोलान के शिव मंदिर बिनौली में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को कथा प्रवक्ता आचार्य राधारमन महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत इंसान को पापमुक्त कर देती है। वहीं, भागवत कथा आत्मसात करने से सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में यदि मान, बड़ा पद और प्रतिष्ठा मिला जाए तो उसे ईश्वर की कृपा मानकर भलाई के कार्य करने चाहिए। यदि उसका जीवन में किंचित मात्र भी अभिमान हुआ तो वह पाप का भागीदार बना जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य उसी को कहना जो मननशील होकर आत्मा के समान अन्यों के सुख-दुख और हानि-लाभ को समझे। इस कार्य में चाहे कितना ही दारुण दु:ख प्राप्त हो, चाहे प्राण भी भले जाएं परंतु इस मनुष्य रूप धर्म से पृथक कभी नहीं होना। कथा में प्रधान उपेंद्र धामा, लीलू चौहान, सुरेश शर्मा, महेश धामा, सौराज धामा, प्रदीप शर्मा, नकुल शर्मा, अनिल, पीयूष जैन, सुमन शर्मा, एकता शर्मा, राजकुमारी, मोनू वर्मा, सत्यप्रकाश वर्मा, कुलवीर धामा आदि उपस्थित रहे।
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बिनौली। पट्टी ढोलान के शिव मंदिर बिनौली में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को कथा प्रवक्ता आचार्य राधारमन महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत इंसान को पापमुक्त कर देती है। वहीं, भागवत कथा आत्मसात करने से सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में यदि मान, बड़ा पद और प्रतिष्ठा मिला जाए तो उसे ईश्वर की कृपा मानकर भलाई के कार्य करने चाहिए। यदि उसका जीवन में किंचित मात्र भी अभिमान हुआ तो वह पाप का भागीदार बना जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य उसी को कहना जो मननशील होकर आत्मा के समान अन्यों के सुख-दुख और हानि-लाभ को समझे। इस कार्य में चाहे कितना ही दारुण दु:ख प्राप्त हो, चाहे प्राण भी भले जाएं परंतु इस मनुष्य रूप धर्म से पृथक कभी नहीं होना। कथा में प्रधान उपेंद्र धामा, लीलू चौहान, सुरेश शर्मा, महेश धामा, सौराज धामा, प्रदीप शर्मा, नकुल शर्मा, अनिल, पीयूष जैन, सुमन शर्मा, एकता शर्मा, राजकुमारी, मोनू वर्मा, सत्यप्रकाश वर्मा, कुलवीर धामा आदि उपस्थित रहे।
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