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16 बीघा के लिए बिछा दीं दो लाशें
Baghpat
Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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दोघट (बड़ौत)। बामनौली गांव में बुधवार रात किसान प्रमोद उर्फ बिल्लू (45) और उसके दोस्त के बेटे अंकित (20) की सरकारी ट्यूबवेल के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात के पीछे 16 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है, जिसकी एफआईआर में प्रमोद के दो भाई और दो भतीजों के नामजद कराया गया है। खून के रिश्तों में हुए इस खूनम-खून में एक आरोपी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि उसने जुर्म कुबूल लिया है।
बिल्लू बामनौली गांव में ही दो लोगों के बीच हुए झगड़े के मामले में बुधवार शाम दोघट थाना गया था। वहां से सात बजे दोघट कस्बे में अपने दोस्त दिनेश के घर गया। उसके बेटे अंकित को साथ लेकर खेत में पानी देने के लिए बामनौली की सरकारी ट्यूबवेल पर चला गया।
रात भर दोनों नहीं लौटे तो गुुरुवार सुबह तलाश शुरू हुई। तभी ट्यूबवेल के पास दो लाशें मिलने की खबर फैली। वहां भारी भीड़ जमा हो गई। दोनों को गोली लगी थी। आसपास खून जमा था। थोड़ी ही देर में दोनों की शिनाख्त प्रमोद और अंकित के रूप में हो गई। सूचना पर एसपी जितेन्द्र शाही और सीओ बड़ौत सीपी सिंह भी पहुंचे।
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सीओ ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व प्रमोद ने जमीन के विवाद को लेकर अपने पिता इलम सिंह की बिजली का करंट लगाकर हत्या कर दी थी, लेकिन इसकी कोई एफआईआर नहीं हुई, बल्कि परिवार में समझौता हो गया। इसके बाद प्रमोद अपनी मां श्यामो के नाम आई 16 बीघा जमीन पर भी कब्जा करने लगा। इसका बाकी चार भाइयों रामकुमार, विनोद उर्फ पप्पू, राजेंद्र और बिजेन्द्र ने विरोध किया।
इसी विवाद में प्रमोद की हत्या हुई है। अंकित सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वह उसके साथ में था। घटना की एफआईआर प्रमोद की पत्नी सविता ने अपने जेठ रामकुमार और राजेन्द्र तथा रामकुमार के बेटे नितिन और अंकित के खिलाफ कराई है जबकि दो हत्यारोपी अज्ञात बताए गए हैं। पुलिस ने रामकुमार को हिरासत में ले लिया है।
हां, हमने उसे मार दिया
पुलिस के मुताबिक रामकुमार ने डबल मर्डर कुबूल कर लिया है। उसका कहना है कि प्रमोद ने जब पिता की हत्या की, तभी से ठान लिया था कि उसे छोड़ना नहीं है, लेकिन बदनामी के डर से चुप रहे। अब वह हमारे पीछे पड़ गया था। हमें पता चला था, वह हमारी हत्या करना चाहता था, इसलिए हमने सोच लिया कि उसे मौका मिलने से पहले ही उसकी हत्या कर दी जाए। हमने मिलकर उसे मार दिया, इसका कोई पछतावा नहीं है।
बेवजह मारा गया अंकित
पुलिस ने बताया कि प्रमोद के भाई और भतीजे उसकी हत्या करने के लिए ट्यूबवेल पर गए थे। उन्हें पता नहीं था कि वहां अंकित भी मिलेगा। प्रमोद को देखते ही दो गोली मार दी। इसके बाद लगा कि अगर अंकित बच गया तो गांव में जाकर बता देगा, इसलिए उस पर भी गोली चला दी।
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बिल्लू बामनौली गांव में ही दो लोगों के बीच हुए झगड़े के मामले में बुधवार शाम दोघट थाना गया था। वहां से सात बजे दोघट कस्बे में अपने दोस्त दिनेश के घर गया। उसके बेटे अंकित को साथ लेकर खेत में पानी देने के लिए बामनौली की सरकारी ट्यूबवेल पर चला गया।
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रात भर दोनों नहीं लौटे तो गुुरुवार सुबह तलाश शुरू हुई। तभी ट्यूबवेल के पास दो लाशें मिलने की खबर फैली। वहां भारी भीड़ जमा हो गई। दोनों को गोली लगी थी। आसपास खून जमा था। थोड़ी ही देर में दोनों की शिनाख्त प्रमोद और अंकित के रूप में हो गई। सूचना पर एसपी जितेन्द्र शाही और सीओ बड़ौत सीपी सिंह भी पहुंचे।
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सीओ ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व प्रमोद ने जमीन के विवाद को लेकर अपने पिता इलम सिंह की बिजली का करंट लगाकर हत्या कर दी थी, लेकिन इसकी कोई एफआईआर नहीं हुई, बल्कि परिवार में समझौता हो गया। इसके बाद प्रमोद अपनी मां श्यामो के नाम आई 16 बीघा जमीन पर भी कब्जा करने लगा। इसका बाकी चार भाइयों रामकुमार, विनोद उर्फ पप्पू, राजेंद्र और बिजेन्द्र ने विरोध किया।
इसी विवाद में प्रमोद की हत्या हुई है। अंकित सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वह उसके साथ में था। घटना की एफआईआर प्रमोद की पत्नी सविता ने अपने जेठ रामकुमार और राजेन्द्र तथा रामकुमार के बेटे नितिन और अंकित के खिलाफ कराई है जबकि दो हत्यारोपी अज्ञात बताए गए हैं। पुलिस ने रामकुमार को हिरासत में ले लिया है।
हां, हमने उसे मार दिया
पुलिस के मुताबिक रामकुमार ने डबल मर्डर कुबूल कर लिया है। उसका कहना है कि प्रमोद ने जब पिता की हत्या की, तभी से ठान लिया था कि उसे छोड़ना नहीं है, लेकिन बदनामी के डर से चुप रहे। अब वह हमारे पीछे पड़ गया था। हमें पता चला था, वह हमारी हत्या करना चाहता था, इसलिए हमने सोच लिया कि उसे मौका मिलने से पहले ही उसकी हत्या कर दी जाए। हमने मिलकर उसे मार दिया, इसका कोई पछतावा नहीं है।
बेवजह मारा गया अंकित
पुलिस ने बताया कि प्रमोद के भाई और भतीजे उसकी हत्या करने के लिए ट्यूबवेल पर गए थे। उन्हें पता नहीं था कि वहां अंकित भी मिलेगा। प्रमोद को देखते ही दो गोली मार दी। इसके बाद लगा कि अगर अंकित बच गया तो गांव में जाकर बता देगा, इसलिए उस पर भी गोली चला दी।