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बड़ौत ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर को पछाड़ा
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:04 AM IST
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बागपत। केंद्र सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के आंकड़े जारी कर दिए हैं। पिछले साल के सापेक्ष इस बार बड़ौत ने स्वच्छता की रैंकिंग में सुधार की छलांग लगाई है। नेशनल रैंक 266 रही, जबकि यूपी के 66 शहरों में बड़ौत को 13वां स्थान मिला है। मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ और सहारनपुर बड़ौत से पीछे हैं।
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण कराया । इसकी ताजा रैंकिंग जारी कर दी। पिछले साल की रैंकिंग में बड़ौत को नेशनल स्तर पर 421वां स्थान मिला, लेकिन इस बार शहर की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने बताया देश के 485 शहरों में नेशनल स्तर पर बड़ौत को 266वां स्थान मिला है। यही नहीं उत्तर प्रदेश के 66 शहरों में बड़ौत इस बार 13वें स्थान पर रहा है। पिछले वर्षों के सापेक्ष बड़ा सुधार हुआ है। मुजफ्फरनगर नेशनल स्तर पर 333वें और स्टेट रैकिंग में 34वें स्थान पर रहा। शामली नेशनल स्तर पर 334 और स्टेट रैकिंग में 35वें स्थान पर रहा। नोएडा भी यूपी के शहरों में 30वें स्थान पर है। मेरठ को यूपी में 29वां और नेशनल स्तर पर 326 वां स्थान मिला है। सहारनपुर को स्टेट रैंकिंग 50 और नेशनल रैंकिंग 384 मिली है। पिछले सालों के सापेक्ष स्वच्छता में सुधार हुआ है।
इस तरह बनती है रैकिंग
बागपत। रैकिंग में सबसे पहले 14 सौ अंक की रिपोर्ट खुद पालिका बोर्ड को देनी होती है। इसके बाद सर्वे टीम खुद भ्रमण करती है। नागरिकों की फीड बैक ली जाती है। छह हजार अंकों का बंटवारा का नेशनल और प्रदेश स्तर की रैंक दी जाती है।
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इन शहरों की जारी हुई रैकिंग
बागपत। देश के 485 और प्रदेश के 66 शहरों की रैकिंग जारी की गई है। हालांकि सर्वे अन्य नगर पंचायतों और पालिकाओं में भी कराया गया था।
किसने क्या कहा
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि रैंक बेहतर है, भविष्य में और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है।
एसडीएम अरविंद कुमार ने कहा लोगों की जागरूकता से ही स्वच्छता अभियान सफल होगा। पालिका और प्रशासन भी आने वाले सालों में अधिक बेहतर अभियान चलाएंगे।
पालिकाध्यक्ष अमित राणा का कहना है कि रैंक में सुधार संतोष प्रदान करता है। लेकिन उनका लक्ष्य अभियान में बड़ौत को पहले पायदान पर लाकर खड़ा करने का है।
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव का कहना है कि जिले की अन्य पालिका और नगर पंचायतों को भी प्रेरित किया जाएगा। नेशनल और प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जिला शामिल हो सके।
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केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण कराया । इसकी ताजा रैंकिंग जारी कर दी। पिछले साल की रैंकिंग में बड़ौत को नेशनल स्तर पर 421वां स्थान मिला, लेकिन इस बार शहर की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने बताया देश के 485 शहरों में नेशनल स्तर पर बड़ौत को 266वां स्थान मिला है। यही नहीं उत्तर प्रदेश के 66 शहरों में बड़ौत इस बार 13वें स्थान पर रहा है। पिछले वर्षों के सापेक्ष बड़ा सुधार हुआ है। मुजफ्फरनगर नेशनल स्तर पर 333वें और स्टेट रैकिंग में 34वें स्थान पर रहा। शामली नेशनल स्तर पर 334 और स्टेट रैकिंग में 35वें स्थान पर रहा। नोएडा भी यूपी के शहरों में 30वें स्थान पर है। मेरठ को यूपी में 29वां और नेशनल स्तर पर 326 वां स्थान मिला है। सहारनपुर को स्टेट रैंकिंग 50 और नेशनल रैंकिंग 384 मिली है। पिछले सालों के सापेक्ष स्वच्छता में सुधार हुआ है।
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इस तरह बनती है रैकिंग
बागपत। रैकिंग में सबसे पहले 14 सौ अंक की रिपोर्ट खुद पालिका बोर्ड को देनी होती है। इसके बाद सर्वे टीम खुद भ्रमण करती है। नागरिकों की फीड बैक ली जाती है। छह हजार अंकों का बंटवारा का नेशनल और प्रदेश स्तर की रैंक दी जाती है।
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इन शहरों की जारी हुई रैकिंग
बागपत। देश के 485 और प्रदेश के 66 शहरों की रैकिंग जारी की गई है। हालांकि सर्वे अन्य नगर पंचायतों और पालिकाओं में भी कराया गया था।
किसने क्या कहा
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि रैंक बेहतर है, भविष्य में और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है।
एसडीएम अरविंद कुमार ने कहा लोगों की जागरूकता से ही स्वच्छता अभियान सफल होगा। पालिका और प्रशासन भी आने वाले सालों में अधिक बेहतर अभियान चलाएंगे।
पालिकाध्यक्ष अमित राणा का कहना है कि रैंक में सुधार संतोष प्रदान करता है। लेकिन उनका लक्ष्य अभियान में बड़ौत को पहले पायदान पर लाकर खड़ा करने का है।
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव का कहना है कि जिले की अन्य पालिका और नगर पंचायतों को भी प्रेरित किया जाएगा। नेशनल और प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जिला शामिल हो सके।