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टीकरी में भूख हड़ताल पर बैठे दो किसान
Updated Sun, 27 May 2018 01:36 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कस्बा टीकरी के जंगल में रास्ते की मांग को लेकर दो किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा जब तक उन्हें खेत में जाने के लिए रास्ता नहीं मिलता, तब तक भूखहड़ताल जारी रहेगी।
कस्बा टीकरी निवासी किसान शीशपाल पुत्र बारू और सत्यपाल पुत्र जयसिंह ने बताया कि कस्बे में 2005 में चकबंदी हुई । चकबंदी प्रक्रिया के दौरान भूमि में चार प्रतिशत की कटौती कर नाली और चकरोड छोड़ी । 2008 में चकबंदी विभाग ने दुरुस्तीकरण के दौरान नाली और चकरोड समाप्त करा दी। इससे किसानों के खेतों में जाने के लिए रास्ता बंद हो गया। उसी समय से दोनों किसान परेशान है। चकबंदी में उनकी 1818 वर्ग मीटर भूमि भी घट गई । उन्होंने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विगत दस साल से चकबंदी विभाग़ में अपनी एड़ी रगड़ रहे हैं। न्याय न मिलने के कारण ही उन्होंने अपने खेत में भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
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कस्बा टीकरी के जंगल में रास्ते की मांग को लेकर दो किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा जब तक उन्हें खेत में जाने के लिए रास्ता नहीं मिलता, तब तक भूखहड़ताल जारी रहेगी।
कस्बा टीकरी निवासी किसान शीशपाल पुत्र बारू और सत्यपाल पुत्र जयसिंह ने बताया कि कस्बे में 2005 में चकबंदी हुई । चकबंदी प्रक्रिया के दौरान भूमि में चार प्रतिशत की कटौती कर नाली और चकरोड छोड़ी । 2008 में चकबंदी विभाग ने दुरुस्तीकरण के दौरान नाली और चकरोड समाप्त करा दी। इससे किसानों के खेतों में जाने के लिए रास्ता बंद हो गया। उसी समय से दोनों किसान परेशान है। चकबंदी में उनकी 1818 वर्ग मीटर भूमि भी घट गई । उन्होंने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विगत दस साल से चकबंदी विभाग़ में अपनी एड़ी रगड़ रहे हैं। न्याय न मिलने के कारण ही उन्होंने अपने खेत में भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
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