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जिला अस्पताल में चिकित्सकों को ढूंढते रहे मरीज
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:01 AM IST
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बागपत। जिला अस्पताल में जीएनएम नर्सिंग की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद मंगलवार को अव्यवस्था रही। चिकित्सक नहीं मिलने के कारण मरीज परेशान रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुध तक नहीं ली।
जिला अस्पताल में वारदात के बाद पूरा दिन चिकित्सकों में अफरा-तफरी की माहौल रहा। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सक कुछ देर ओपीडी में मरीजों को देखने के बाद गायब हो गए। चिकित्सक नहीं मिलने के कारण मरीज इधर-उधर भटकते रहे। खट्टा प्रहलादपुर गांव निवासी बाला ने बताया कि उसका पति सुरेंद्र बीमार हैं। गंभीर हालत में पिलाना सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर किया। एक घंटे से वह पति को भर्ती कराने के लिए चिकित्सक का इंतजार कर रही है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। काठा निवासी विकास और असारा निवासी रहीस ने बताया कि तीन दिन पहले दोनों की पत्नी ने बेटों को जन्म दिया तीन दिन से बच्चे अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार को कोई भी चिकित्सक वार्ड में बच्चों को देखने नहीं पहुंचा। उन्हें स्वयं ही बच्चो को लेकर इमरजेंसी में आना पड़ा। इसके अलावा ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ लगी रही। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अस्पताल में सभी चिकित्सक मौजूद थे। दो बजे तक ओपीडी में मरीजों की जांच की गई।
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जिला अस्पताल में वारदात के बाद पूरा दिन चिकित्सकों में अफरा-तफरी की माहौल रहा। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सक कुछ देर ओपीडी में मरीजों को देखने के बाद गायब हो गए। चिकित्सक नहीं मिलने के कारण मरीज इधर-उधर भटकते रहे। खट्टा प्रहलादपुर गांव निवासी बाला ने बताया कि उसका पति सुरेंद्र बीमार हैं। गंभीर हालत में पिलाना सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर किया। एक घंटे से वह पति को भर्ती कराने के लिए चिकित्सक का इंतजार कर रही है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। काठा निवासी विकास और असारा निवासी रहीस ने बताया कि तीन दिन पहले दोनों की पत्नी ने बेटों को जन्म दिया तीन दिन से बच्चे अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार को कोई भी चिकित्सक वार्ड में बच्चों को देखने नहीं पहुंचा। उन्हें स्वयं ही बच्चो को लेकर इमरजेंसी में आना पड़ा। इसके अलावा ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ लगी रही। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अस्पताल में सभी चिकित्सक मौजूद थे। दो बजे तक ओपीडी में मरीजों की जांच की गई।
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