यूपी की 16 मिलों को गन्ना देंगे बागपत के किसान
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डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि लखनऊ में आयोजित गन्ना सुरक्षण समिति की बैठक में वितरण पर अंतिम मुहर लगी। खाईखेड़ी मिल की मांग पर ही इस मिल को बागपत में सेंटर नहीं दिए गए हैं। पिछले वर्ष वेस्ट यूपी की 12 चीनी मिलों को गन्ना दिया गया था, इनकी संख्या इस बार 16 हो गई है। सहारनपुर की गांगनौली और नानौता के अलावा मुजफ्फरनगर की मंसूरपुर, ऊन और हापुड़ की सिंभावली को इस बार गन्ना दिया जाएगा। मलकपुर चीनी मिल के गन्ना कोटे में चार लाख 46 हजार कुंतल गन्ने की कटौती कर दी गई है। रमाला मिल के भी आठ सेंटरों पर कैंची चली है।
किस चीनी मिल को कितना गन्ना
चीनी मिल सेंटर गन्ना
बागपत 33 99.26
रमाला 05 67.91
मलकपुर 83 155.92
किनौनी 83 98.04
दौराला 06 5.43
भैसाना 34 42.62
तितावी 08 9.56
खतौली 07 10.77
मोदीनगर 14 11.81
बृजनाथपुर 06 4.77
नंगलामल 01 42 हजार
नानौता 08 13.12
मंसूरपुर 01 86 हजार
ऊन 08 9.27
गांगनौली 06 7.33
सिंभावली 07 6.07
नोट- नंगलामल और मंसूरपुर को छोड़कर अन्य मिलों को गन्ना लाख कुंतल में।
ये सेंटर काटे गए
रमाला मिल के तुगाना प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, लूंब तृतीय, हेवा और टांडा का एक-एक सेंटर का गया है। मलकपुर मिल के कंडेरा द्वितीय, डूंडाखेड़ा द्वितीय और कुरड़ी चतुर्थ को काट दिया गया है। यहां माल माजरा सेंटर बनाया गया है।
इस बार बने नए सात सेंटर
सांकरौद और गाधी गांव समेत जिले में इस बार सात गांवों में नए सेंटर बनाए गए हैं। इन पर पहली गन्ना सप्लाई होगी। इससे पहले सांकरौद और गाधी गांव के किसान मिल गेट पर गन्ने की सप्लाई करते थे।