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बागपत में नहीं मिली जमीन, कैसे लगेगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

Fri, 07 Jun 2019 01:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2019 01:04 AM IST
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बागपत में नहीं मिली जमीन, कैसे लगेगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
बागपत। यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना अधर में लटकी है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत शहर के नालों का पानी यमुना में डाले जाने से पहले शुद्ध किए जाने की योजना बनाई । इसके लिए बागपत में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना था, लेकिन इसके लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। ग्राम समाज की भूमि नहीं मिली है, अब प्रशासन किसानों से संपर्क कर जमीन की तलाश में जुटा हुआ है।
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जिले से होकर बहने वाली यमुना, हिंडन और कृष्णा नदी का पानी प्रदूषित है। जल प्रदूषण के कारण लोगों को बीमारियां घेर रही हैं। शहर और गांव का गंदा पानी नालों के माध्यम से यमुना में ही प्रवाहित किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने समस्या से निजात दिलाने के लिए इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखी थी। बालैनी में नितिन गड़करी ने एलान किया था कि बागपत में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। 77 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराना जाना था। इसके लिए दो हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। योजना के स्वीकृत हुए छह माह बीतने जा रहे है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण प्रोजेक्ट अभी धरातल पर नहीं उतर सका है। एलएमसी की भूमि नहीं मिल सकी है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि किसानों संपर्क किया जा रहा है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार गौतम ने कहा कि एलएमसी की भूमि न मिलने से योजना आगे नहीं बढ़ रही है। अब सस्ते दर पर जमीन के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही जमीन की तलाश पूरी कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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इनसेट
शुगर मिल का पानी भी पहुंच रहा यमुना में
बागपत। शहर के लोगों का कहना है कि बागपत शुगर मिल से निकालने वाला पानी नालों के जरिये यमुना में पहुंच रहा है। जिसको लेकर किसानों में भी रोष है। पुराना कस्बा के लोग कई बार धरने प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।

शामली से कृषि विभाग की टीम ने भी की थी जांच
बागपत। ऑनलाइन शिकायत करने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शामली से कृषि विभाग की टीम ने पहुंचकर यहां जांच की थी। यहां नाले से स्थिति को बेहद खराब बताया था। अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई थी। यमुना की दुर्दशा पर लोग कई बार यमुना पर पहुंचकर प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दे चुके थे।


इनसेट
दो नालों से यमुना में जा रहा गंदा पानी
बागपत। शहर का गंदा पानी दो नालों के माध्यम से यमुना नदी में जा रहा है। इससे यमुना का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।

वर्जन :
जल पुरुष राजेंद्र सिंह का कहना है कि दिल्ली में जाते-जाते यमुना गंदे नाले में तब्दील हो जाती है। यमुना की सफाई के लिए बड़ा अभियान चलाए जाने की जरूरत है। प्रशासन के साथ आमजन को भी अब जागरूक होना पड़ेगा, तभी यमुना की पावनता बच सकेगी।
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