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यज्ञ की क्रियाओं को जानना जरूरी : आचार्य संजय
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:13 AM IST
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यज्ञ की क्रियाओं को जानना जरूरी : आचार्य संजय
बड़ौत (बागपत)। आर्य समाज बड़ौत की ओर से चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के पांचवें दिन आजाद नगर और डीएस भवन पर यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें आर्यजनों ने भाग लिया। उदयवीर सभासद सपत्निक एवं यज्ञमान विजयपाल सिंह रहे।
यज्ञ ब्रहा आचार्य संजय वैदिक रहे। संजय ने कहा कि यज्ञ की क्रियाओं का अर्थ नहीं पता तो आपकी भावना उसमें नहीं बन सकती। क्रिया को भावना से शून्य होकर किया जाएगा तो यज्ञ से आपको आध्यात्मिक लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जल परमात्मा का एक गुणवाचक नाम है तभी तो हमारी आस्था गंगाजल से जुड़ी है। सायंकालीन सत्र में आचार्य ने कहा कि ईश्वर एक है और वहीं इस सृष्टि की उत्पत्ति, पोषण और संहार कर रहा है। वेद मंत्रों के प्रमाण देकर सरल भाषा में समझाया कि सारें झगड़े आपसी वैमनस्य भेदभाव आदि ईश्वर और धर्म को ठीक प्रकार से न समझने के कारण होते है। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम सिंह आर्य ने किया। इस अवसर पर ओमपाल शास्त्री, चरण सिंह मालिक एवं श्रीपाल आर्य ने भजन गाये। कार्यक्रम में डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर मलिक, चौघरी हरवीर, पूर्व विधायक साहब ङ्क्षसह, इंद्रपाल सिंह, सुदेश कुमार, वीर सैन, रामकुमार, विजयपाल, मोहनपाल, डॉ. हरपाल सिंह, बिजेंद्र मलिक, राममेहर सिंह, सुरेंद्र कुंडू, देवेंद्र शास्त्री एवं काफी संख्या में महिला श्रद्धालु मौजूद रहे।
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बड़ौत (बागपत)। आर्य समाज बड़ौत की ओर से चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के पांचवें दिन आजाद नगर और डीएस भवन पर यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें आर्यजनों ने भाग लिया। उदयवीर सभासद सपत्निक एवं यज्ञमान विजयपाल सिंह रहे।
यज्ञ ब्रहा आचार्य संजय वैदिक रहे। संजय ने कहा कि यज्ञ की क्रियाओं का अर्थ नहीं पता तो आपकी भावना उसमें नहीं बन सकती। क्रिया को भावना से शून्य होकर किया जाएगा तो यज्ञ से आपको आध्यात्मिक लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जल परमात्मा का एक गुणवाचक नाम है तभी तो हमारी आस्था गंगाजल से जुड़ी है। सायंकालीन सत्र में आचार्य ने कहा कि ईश्वर एक है और वहीं इस सृष्टि की उत्पत्ति, पोषण और संहार कर रहा है। वेद मंत्रों के प्रमाण देकर सरल भाषा में समझाया कि सारें झगड़े आपसी वैमनस्य भेदभाव आदि ईश्वर और धर्म को ठीक प्रकार से न समझने के कारण होते है। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम सिंह आर्य ने किया। इस अवसर पर ओमपाल शास्त्री, चरण सिंह मालिक एवं श्रीपाल आर्य ने भजन गाये। कार्यक्रम में डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर मलिक, चौघरी हरवीर, पूर्व विधायक साहब ङ्क्षसह, इंद्रपाल सिंह, सुदेश कुमार, वीर सैन, रामकुमार, विजयपाल, मोहनपाल, डॉ. हरपाल सिंह, बिजेंद्र मलिक, राममेहर सिंह, सुरेंद्र कुंडू, देवेंद्र शास्त्री एवं काफी संख्या में महिला श्रद्धालु मौजूद रहे।
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