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जल जीवन मिशन : 300 गांवों की प्राइमरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई

Sat, 20 Jun 2020 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 11:09 PM IST
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Water life mission: Primary report of 300 villages sent to headquarters
आजमगढ़। शासन की ओर से हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए बनाए गए जल जीवन मिशन के तहत जनपद में 300 गांवों का प्राइमरी प्रोजेक्ट (प्री-फिजिविलिटी रिपोर्ट) तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेज दी गई है। 23 जून को शासन में होने वाली बैठक में इस पर मुहर लगी और बजट का आवंटन हुआ तो डीपीआर (डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक गांव में पेयजल परियोजना लगाकर लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है
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शासन की ओर से गांवों में पानी के संकट को मिटाने और घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जीवन मिशन की शुरुआत की गई थी। ग्रामीण घरों में पाइप से पानी की आपूर्ति लगभग 18 फीसदी है और जल जीवन मिशन में इसे वर्ष 2024 तक 100 फीसद घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट का आवंटन भी किया गया था। योजना के अनुसार जल जीवन मिशन की आधारिक संरचना की 5 फीसदी या 10 फीसदी लागत समुदाय से जुटाने की बात कही गई थी।
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योजना के तहत जिला स्तर पर समिति की गठन किया गया था। इसके लिए जल निगम की ओर से गांवों का चयन कर प्री-फीजिविलिटी रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें प्रारंभिक तौर पर जनपद के 300 गांवों का चयन किया गया था। इन गांवों के लिए 799.98 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेजा गया है। विभागीय सूत्रों की मानें 23 जून की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में इस पर चर्चा होगी। यदि मंजूरी और बजट का आवंटन किया जाता है तो जलनिगम की ओर से इसकी डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर काम शुरू कराया जाता है।
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पाइपलाइन से जुड़ेगा हर घर
गांव में लोगों को स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए उद्देश्य से सरकार ने हर घर में नल के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना में छोटी-छोटी परियोजनाओं के जरिए गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से हर घर को जोड़ना है। इस योजना में को गांवों में विस्तारित कराने के लिए सरकार की ओर से कुल खर्च का 90 प्रतिशत धन मुहैया कराया जाएगा। शेष 10 प्रतिशत धन को ग्राम पंचायत मुहैया कराएंगी। इसके लिए सबसे पहले गांव के 80 प्रतिशत लोगों की सहमति जरूरी होगी। बस्तियों में इस योजना को लागू करने के लिए अलग-अलग परियोजना तैयार की जाएगी। हर बस्ती में जरूरत के हिसाब से एक या दो सबमर्सिबल लगाया जाएगा। इसके बाद पूरे गांव में पाइप लाइन विछाकर हर घर में नल लगाया जाएगा और उसे सबमर्सिबल से जोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
पूरी होने के बाद ग्राम पंचायत से होगी देखभाल
गांवों में इस परियोजना के पूरी होने के बाद उसे ग्राम पंचायत के हवाले कर दिया जाएगा। इसकी देेखभाल ग्राम पंचायत से होगी। अक्सर देखने में आता है कि बजट के अभाव में ग्राम पंचायतें ऐसी परियोजनाओं के मरम्मत से बचती है। जिसे देखते हुए ग्रामीणों से नाममात्र का यूजर चार्ज भी लिया जाएगा। जिसे ग्राम सभा के खाते में जमा किया जाएगा। उसी से इसकी देखभाल की जाएगी।

जिला प्रशासन के निर्देश पर 300 गांवों को पीएफआर बनाकर निदेशालय को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। धन आवंटन के बाद काम शुरू किया जाएगा।
रणविजय सिंह, एक्सईएन जल निगम
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