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Azamgarh News: अलम, दुलदुल और ताबूत की जियारत की

Mon, 24 Jul 2023 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jul 2023 11:43 PM IST
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Visited Alam, Duldul and coffin
मुहर्रम पर मजलिस और जुलूस का सिलसिला सोमवार को भी जारी रही। पांचवी मुहर्रम पर इमाम हुसैन के बेटे व कर्बला के छह माह के शहीद हज़रत अली असगर की शहादत की याद में ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस निकाला गया। अजादारों ने इनकी जियारत की। वहीं अंजुमनों ने नौहा और मातम किया। कस्बा में चौक स्थित इमामबाड़ा तस्कीने ज़ैनब से जुलूस निकलने से पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मोहम्मद शाहिद आज़मी ने कहा कि इमाम हुसैन का मकसद इन्सानियत की रक्षा और लोगों की हिदायत करना था। रसूल ने कहा था कि तुम्हारे बीच अल्लाह की किताब कुरान व दूसरे अहलेबैत को छोड़कर जा रहा हूं। जब तक तुम इन दोनों से जुड़े रहोगे, कभी गुमराह नहीं हो सकते। इसके बाद झूला, अलम, ताबूत और दुलदुल का जुलूस कदीमी रास्तों से होता हुआ कर्बला जाकर खत्म हुआ। कोरौली खुर्द में फैय्याज हुसैन कमेटी की ओर से दिन में 11 बजे इमामबाड़ा अंसर हुसैन मरहूम से मजलिस के बाद ताबूत, अलम, दुलदुल का जुलूस निकाला गया जो अपने कदीमी रास्तों इमाम चौक से होता हुआ देर शाम सदर इमामबाड़ा पहुंचा। अन्जुमनों ने नौहा मातम किया। मजलिस को खिताब करते हुए अकबरपुर से आये मौलाना सैय्यद आसिफ रज़ा ने कहा कि कर्बला हमारी दर्सगाह है हमें कर्बला से सबक लेना चाहिए। हुसैन ने कर्बला में सिर्फ दीन को नहीं बचाया, बल्कि पूरी इन्सानियत को बचा लिया। मौलाना कमर अब्बास प्रतापगढ़ी ने कर्बला के शहीदों का बयान किया अजादार रोने लगे। अंजुमन जाफ़रिया मित्तुपुर, अंजुमन इमाम ज़माना जौनपुर, अंजुमन मासूमिया डिघियां, अंजुमन हुसैनिया कोपागंज ने नौहा मातम किया। मेजवां। फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में मजलिस मातम और जुलूसों का सिलसिला जारी है। मेजवां, दसमड़ा, शाहजेरपुर, माहुल, अंबारी, कंदरी, डिघिया, समसपुर, खपड़ा गांव, शिया आबादी फूलपुर, नाहरपुर आदि स्थानों पर मजलिसें की गईं। क्षेत्र के खैरुद्दीनपुर अजीम कोट में जुलुसे अजा अकीदत के साथ निकाला गया।आजादारों ने दुलदुल र फूल माला चढ़ा कर मन्नतें मांगी। मौलाना अबुल कासिम ने मजलिस को खिताब किया। अंजुमनों ने नौहा मातम कर शहीदाने कर्बला को खिराजे अकीदत पेश की।
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