फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   The procession of the coffin Alam and Duldul

Azamgarh News: ताबूत अलम व दुलदुल का निकाला जुलूस

Sun, 23 Jul 2023 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:51 PM IST
विज्ञापन
The procession of the coffin Alam and Duldul
चौथी मुहर्रम पर कई क्षेत्रों में ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस निकाला गया। इससे पूर्व हुई मजलिस में जाकिरों ने कर्बला के मसायब बयान किए तो वहीं अजादारों ने नौहा मातम किया। मेजवां : फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में स्थित इमामाबाड़ों में मजलिस और मातम की सदा गूंजती रही। रविवार को कई स्थानों पर जुलूस निकाल कर आजादरों ने करबला में शहीद इमाम हुसैन और 72 साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस कर्बला पहुंच कर संपन्न हुआ। फूलपुर और चमावां गांव में आयोजित मजलिस को जीशान हैदर निजामाबाद ने खिताब किया। उर्दू के मशहूर शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवा में मौलाना वसी मोहम्मद खां ने तो दसमड़ा में आयोजित मजलिस को मौलाना नदीम हैदर और मौलाना अमीर हैदर ने खिताब किया। यहां सैय्यद मोहम्मद हसन की ओर से निकाला गया जुलूस इमामबाड़ा से निकल गांव के सैय्यद हाशिम और मरहूम नौशे हसन और अंसार हुसैन के अजखाने से होता हुआ कर्बला पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान अंजुमन गुलजारे पंजतन, अंजुमन अब्बासिया मेजवा, अंजुमन हुसैनिया फत्तनपुर, अंजुमन काजमिया अंबेडकर नगर ने नौहा मातम पेश किया। जुलूस के साथ ताबूत, दुलदुल और हजरत अब्बास का अलम शामिल रहा। मजलिस में मौलाना अमीर हैदर ने कहा कि इमाम हुसैन ने करबला के मैदान में अपने नाना के दीन को बचाने के लिए कुर्बानी दी थी। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में इंसानियत बची हुई है। सरायमीर : ओस्ती गांव में शनिवार की दोपहर मजलिस के बाद ताबूत अलम व दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जो देर शाम करबला पहुंच संपन्न हुआ। मजलिस में मौलाना सैय्यद शबाब हैदर ने कहा कि रसूल व आले रसूल से मोहब्बत का तरीका ये है कि हम उनका कहना मानें, उनके बताए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि मकसद-ए-हुसैन को समझें और उस पर अमल करें। तभी मजलिसों में आना कुबूल होगा। हमें इमाम हुसैन के मकसद को सामने रखकर अजादारी व शब्बेदारी को अंजाम देना चाहिए। जुलूस में अंजुमन सज्जादिया मुबारकपुर, अंजुमन मोहिब्बाने हुसैन समंदपुर, अंजुमन जाफ़रिया रसूलपुर ने नौहा व मातम किया। आयोजक सैय्यद अली जाफर ने आभार जताया। वहीं पुरंदरपुर के इमामबाड़ा में हुई कदीमी मजलिस में अबुल हसन नकवी ने कहा कि इमाम हुसैन ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी यजीद के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद की और इंसानियत को मरने से बचाया। मौलाना ने कर्बला की शहादत बयान की तो अजादार रो पड़े। मजलिस में मोहम्मद आजम, गुड्डू आदि ने नौहा पढ़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed