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कहीं चकीदी में भी पुलिस की चूक तो नहीं बनी पथराव का कारण
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रानी की सराय। स्थानीय थाना क्षेत्र के चकीदी गांव में शुक्रवार की देर रात पुलिस टीम पर पथराव के पीछे भी पुलिस की चूक का मामला सामने आ रहा है। घटना के पीछे जानलेवा हमला करने वालों का सिर्फ शांतिभंग में चालान किया जाना प्रमुख कारण बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से राजभर बस्ती के लोग आक्रोशित थे और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था।
चकीदी गांव में शुक्रवार को दिन में रास्ते पर तेज गति से गाड़ी चलाने से मना करने पर राजभर बस्ती की 55 वर्षीया माला देवी पर पासी बस्ती के मनबढ़ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। जानलेवा हमला की घटना में पुलिस ने मामूली कार्रवाई किया और मनबढ़ों का मात्र शांति भंग में चालान कर दिया। शाम तक जमानत करा कर वे वापस लौटे तो पुन: राजभर बस्ती के लोगों से विवाद करने लगे। राजभर बस्ती के लोग मनबढ़ों पर मामूली कार्रवाई किए जाने से नाराज थे। रात में एसओ के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव में पहुंची तो जानलेवा मामले में मामूली कार्रवाई से नाराज राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जिसमे एसओ रामायन सिंह समेत दो एसआई घायल हो गए। राजभर बस्ती के लोगों की माने तो पुलिस की इसी चूक ने पूरे घटनाक्रम की पटकथा लिखी है। वैसे यह तो जांच का विषय है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों का जो आरोप है वह कितना सत्य है।
पथराव मामले में जारी है दबिश, सिर्फ चार ही गिरफ्तार
रानी की सराय। पुलिस टीम पर पथराव मामले में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें 14 लोगों को नामजद करने के साथ ही 12 से 15 अज्ञात शामिल है। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने दबिश की कार्रवाई शुरू कर दी थी। शनिवार को ही चार नामजद आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। रविवार को भी गांव में दबिश की कार्रवाई जारी रही और पुेस फोर्स भी तैनात रही लेकिन कोई और नामजद आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
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चकीदी गांव में शुक्रवार को दिन में रास्ते पर तेज गति से गाड़ी चलाने से मना करने पर राजभर बस्ती की 55 वर्षीया माला देवी पर पासी बस्ती के मनबढ़ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। जानलेवा हमला की घटना में पुलिस ने मामूली कार्रवाई किया और मनबढ़ों का मात्र शांति भंग में चालान कर दिया। शाम तक जमानत करा कर वे वापस लौटे तो पुन: राजभर बस्ती के लोगों से विवाद करने लगे। राजभर बस्ती के लोग मनबढ़ों पर मामूली कार्रवाई किए जाने से नाराज थे। रात में एसओ के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव में पहुंची तो जानलेवा मामले में मामूली कार्रवाई से नाराज राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जिसमे एसओ रामायन सिंह समेत दो एसआई घायल हो गए। राजभर बस्ती के लोगों की माने तो पुलिस की इसी चूक ने पूरे घटनाक्रम की पटकथा लिखी है। वैसे यह तो जांच का विषय है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों का जो आरोप है वह कितना सत्य है।
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पथराव मामले में जारी है दबिश, सिर्फ चार ही गिरफ्तार
रानी की सराय। पुलिस टीम पर पथराव मामले में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें 14 लोगों को नामजद करने के साथ ही 12 से 15 अज्ञात शामिल है। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने दबिश की कार्रवाई शुरू कर दी थी। शनिवार को ही चार नामजद आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। रविवार को भी गांव में दबिश की कार्रवाई जारी रही और पुेस फोर्स भी तैनात रही लेकिन कोई और नामजद आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
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