अहमदाबाद ब्लास्टः सीरियल बम धमाकों में शामिल पांच आतंकियों पर घोषित है 10-10 लाख रुपये इनाम, जानिए यूपी के किस जिले के रहने वाले
1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट में जनपद के अबू सलेम का नाम सामने आया था। इसके बाद कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या में भी अबू सलेम का नाम प्रकाश में आया था।
विस्तार
अहमदाबाद सीरियल मामले में आजमगढ़ के लोगों का नाम आना कोई नई बात नहीं है। इसके पहले मुंबई ब्लास्ट और टी सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या मामले में अबू सलेम का नाम सामने आया था। उसके बाद अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में जनपद का नाम आया।
इसके बाद बाटला हाउस एनकाउंटर में भी जनपद के युवकों का नाम आया। इनमें से पांच अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनमें से पांच पर एनआईए ने 10-10 लाख रुपये इनाम भी घोषित कर चुकी है। जनपद का नाम शुरू से ही आतंकी घटनाओं से जुड़ता रहा है। 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट में जनपद के अबू सलेम का नाम सामने आया था।
इसके बाद कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या में भी अबू सलेम का नाम प्रकाश में आया था। एनकाउंटर के बाद मोहम्मद जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद 2008 में अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट हुआ तो इसमें पहली गिरफ्तारी जनपद के बीनापारा गांव निवासी अबू बशर की हुई।
2009 में बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ
गुजरात पुलिस ने चार्टर प्लेन से वाराणसी पहुंच कर अबू बसर को बीनापारा से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2009 में बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ। इसमें आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे। जबकि मो. जीशान और मो. सैफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं, शहजाद मोहम्मद और आरिज खान उर्फ जुनैद भाग गए थे। लेकिन बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इन पर घोषित है इनाम
2018 को सरायमीर पुलिस ने फरार चल रहे छह आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खोली थी। इसमें सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी डा. शाहनेवाज, शादाब उर्फ बड़ा साजिद, राशिद उर्फ सुल्तान, आसिफ और आफताब शामिल रहे। इन सभी पर एनआईए की ओर से 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इन सभी के नाम बाटला हाउस एनकाउंटर के साथ ही वाराणसी, गोरखपुर, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों में सीरियल बम धमाकों में भी प्रकाश में आए थे।
यूपी से जुड़े हैं नौ आतंकी, आठ को फांसी
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में सजा पाने वाले आतंकियों में से 9 यूपी से जुड़े हैं। इनमें पांच आजमगढ़, एक-एक मऊ, मेरठ, बुलंदशहर और बिजनौर का है। यूपी के आठ दोषियों को फांसी व एक को उम्रकैद की सजा मिली है। आजमगढ़ के पांचों दोषी एक ही इलाके सरायमीर के हैं।