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सुख - दुख मनुष्य के पूर्व जन्म के कर्मों का परिणाम
संवाददाता
Updated Sat, 06 Jun 2015 12:47 AM IST
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सरायमीर। क्षेत्र के खानपुर स्थित जय गुरुदेव आश्रम में वार्षिक आध्यात्मिक सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने कहा कि संतों ने इस दुनिया को सुख:दुख की नगरी बताया। यह सुख-दुख की समस्याएं मनुष्य के पूर्व जन्म के पाप- पुण्य की परिणाम होती है। यह समस्याएं न कभी हल हुई हैं न होंगी, यह क्रमवत जारी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्यों को महापुरुष मिल जाते हैं और प्रभु की सच्ची भक्ति का रास्ता बता देते हैं और जब तक मन उस ईश्वर की भक्ति में लगा रहेगा, तभी तक सुख का अनुभव होगा। बाबा जय गुरुदेव जी महाराज ने सावधान किया था कि आगे समय खराब आएगा, उसे भूलो मत अच्छा वक्त लाना चाहते हो तो अपने कर्मों को ठीक करो। इस दौरान लगे जय गुरुदेव के जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन सत्यशील बंधु ने किया। अंत में कार्यक्रम संयोजक और राष्ट्रीय उपदेशक जय गुरुदेव धर्म सतीश चंद यादव ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामचरन यादव, प्रहलाद यादव, अरविंद यादव सहित सभी स्वंयसेवक उपस्थित थे। ।
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उन्होंने कहा कि जब मनुष्यों को महापुरुष मिल जाते हैं और प्रभु की सच्ची भक्ति का रास्ता बता देते हैं और जब तक मन उस ईश्वर की भक्ति में लगा रहेगा, तभी तक सुख का अनुभव होगा। बाबा जय गुरुदेव जी महाराज ने सावधान किया था कि आगे समय खराब आएगा, उसे भूलो मत अच्छा वक्त लाना चाहते हो तो अपने कर्मों को ठीक करो। इस दौरान लगे जय गुरुदेव के जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन सत्यशील बंधु ने किया। अंत में कार्यक्रम संयोजक और राष्ट्रीय उपदेशक जय गुरुदेव धर्म सतीश चंद यादव ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामचरन यादव, प्रहलाद यादव, अरविंद यादव सहित सभी स्वंयसेवक उपस्थित थे। ।
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