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भव्य पंडालों में माता के दर्शन को तांता

Sat, 08 Oct 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Sat, 08 Oct 2016 11:51 PM IST
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Maternal grand pandals influx philosophy
नगर के जामा मस्जिद के पास स्थापित की गईं मां दुर्गा की पूजा करते लोग।
शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि शनिवार को नगरीय इलाकों सहित जिले के ग्रामीण अंचलों में वैदिक मंत्रोच्चार बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया। विभिन्न पूजन समितियों की तरफ से पंडाल में विधिवत पूजन-अर्चन एवं भव्य आरती के उपरांत मां का कपाट दशनार्थियों के दर्शन के लिए खोल दिया गया। पूजन पंडालों में शाम से देर रात तक मां दुर्गा के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्ध्ालुओं का तांता लगा रहा।
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 वहीं दुर्गा पूजा समितियों द्वारा अपने को एक दूसरे से अलग और सुंदर साबित करने की जैसे होड़ मची है। ग्रामीण क्षेत्रों में समितियों द्वारा प्रतिमाओं को आकर्षक बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी गई है। श्रीराधा कृष्ण दुर्गा पूजा समिति अंबारी में सर्जिकल स्ट्राइक को मंदिर पर दर्शाया गया है। अगर नगर क्षेत्र में स्थित मां की प्रतिमाओं पर गौर करें तो नवयुवक मंगल दल सिधारी द्वारा भव्य पंडाल बनाया गया है। जो अपने आप में अलौकिक है। शिवाजी स्पोर्ट्स क्लब मातबरगंज ने महिषासुर मर्दिनी की भव्य प्रतिमा की स्थापना की है। जय मां अंबे सेवा समिति पुरानी कोतवाली पार्क में स्थापित होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा के लिए पंडाल का आकार काफी आकर्षक बनाया गया है। शिवा स्पोर्टिंग क्लब कटरा द्वारा इस बार पंडाल को सर्जिकल स्ट्राइक का रूप दिया गया है।
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  पंडाल के अंदर महिषासुर वध करते हुए मां की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई हैै। वहीं सदावर्ती मुहल्ले में न्यू फ्रेंड्स क्लब सदावर्ती मुहल्ला द्वारा भगवान शंकर के विकराल रूप की प्रतिमा स्थापित की गई है। साथ ही पूजा पांडाल को चाइना मुक्त झालरों से सजाया गया है। नव युवक रक्षा समिति       बदरका द्वारा स्थापित प्रतिमा की खासियत यह है कि प्रतिमा को कलकत्ता से आए कलाकारों ने मिट्टी, पुआल और बोरा से मूर्ति का निर्माण किया है। इसमें किसी प्रकार के कपड़े का इस्तेमाल का प्रयोग नहीं है। पंडाल को पुराने मंदिर शक्ल दी गई है। जिस पर जगह-जगह पेड़ उग आए हैं।
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