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Azamgarh News: हरैया में फैली लंपी बीमारी, तीन पशुओं की मौत, दो दर्जन से अधिक बीमार

Thu, 14 Aug 2025 12:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:07 AM IST
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Lumpi disease spread in Haraiya, three animals died, more than two dozen fell ill
लाटघाट। हरैया विकासखंड के विभिन्न गांवों में लंपी त्वचा की बीमारी तेजी से फैल रही है। अब तक तीन पशुओं की मौत हो चुकी है जबकि दो दर्जन से अधिक पशु वायरस से संक्रमित हैं। संक्रमण की तीव्र गति ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं संबंधित विभाग की लापरवाही और अनभिज्ञता सवालों के घेरे में है।
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इस बीमारी की चपेट में आकर रौनापार गांव में सुदामा के एक बछड़े की मौत हो गई। बातन गांव में रिंकू सिंह की एक गाय संक्रमण के चलते दम तोड़ गई और नैनीजोर गांव में पवन सिंह के पशु की भी इसी बीमारी से मौत हुई है। रौनापार के सुनील सिंह ने बताया कि उनके गांव के राजबहादुर सिंह, राजेंद्र यादव, बुज्झा चौबे, धोती तिवारी, अनूप सिंह, महेंद्र सिंह सहित कई पशुपालकों के पशु बीमार हैं। अकेले इस गांव में दर्जन भर से अधिक मवेशी संक्रमित हो चुके हैं।
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बातन गांव के रिंकू सिंह ने बताया कि उनकी गाय बीमार थी, उन्होंने निजी डॉक्टर से इलाज कराया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और अंततः गाय की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गांव के राम प्रसाद, सीता, मूलचंद यादव, चंद्रभान के पशु भी लंपी से संक्रमित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी तेजी से फैल रही है लेकिन पशु चिकित्सा विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और भय दोनों का माहौल है।
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हरैया के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश ने कहा कि उन्हें इस बीमारी की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो दिखवाते हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता ने कहा कि हरैया ब्लॉक के पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है। आवश्यकतानुसार टीकाकरण और अन्य उपाय किए जाएंगे।

लंपी वायरस के लक्षण
पशु के शरीर का तापमान 106 डिग्री तक बढ़ जाता है।

चेहरे, गर्दन, थूथन, पलकों समेत पूरे शरीर पर गोल उभरी हुई गांठें दिखाई देती हैं।

पैरों में सूजन और लंगड़ापन हो सकता है।

लंपी वायरस से बचाव
बीमारी से बचने का टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है।
स्वस्थ पशुओं को संक्रमित पशुओं से अलग रखा जाना चाहिए।
तबेले और आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखें।
पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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