{"_id":"644c10750ac03f17db052589","slug":"life-imprisonment-to-four-including-former-minister-in-rajnarayan-murder-case-azamgarh-news-c-20-1-177392-2023-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: राजनरायन हत्याकांड में पूर्व मंत्री समेत चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: राजनरायन हत्याकांड में पूर्व मंत्री समेत चार को आजीवन कारावास
विज्ञापन
कांग्रेस नेता व अधिवक्ता राजनरायन सिंह हत्याकांड में शुक्रवार को न्यायालय ने पूर्व मंत्री व भाजपा नेता अंगद यादव समेत चार को आजीवन कारावास का दंड दिया। वहीं गैंगस्टर के मामले में चारों को सात-सात साल की सजा व 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
19 दिसंबर 2015 को राजनरायन सिंह निवासी सम्मोपुर थाना सिधारी टहलने के लिए घर से निकले थे। वे पल्हनी ब्लाक मुख्यालय के सामने पहंुचे थे कि पहले से ही घात लगा कर बैठे शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी थी। राजनरायन सिंह की पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव, अपने पट्टीदार सुनील सिंह के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में शूटर के रूप में सरफूद्दीनपुर मुहल्ला निवासी अरूण यादव व शैलेश यादव उर्फ तेली का नाम प्रकाश में आया। पूर्व मंत्री समेत सभी आरोपी जेल में बंद हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा ने शुक्रवार को मामले में सजा सुनाया। राजनरायन हत्याकांड में चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गई तो वहीं इस प्रकरण में लगे गैंगस्टर के मामले में कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा के साथ ही 10-10 हजार के जुर्माने की भी सजा दी।
000000000000000
पूर्व में भी मिली चुकी आजीवन कारावास की सजा
आजमगढ़। लखनऊ में वर्षों पूर्व हुए लक्ष्मी नरायन यादव हत्याकांड में भी पूर्व मंत्री अंगद यादव नामजद थे। इस हत्याकांड में इन्हें पहले ही लखनऊ कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। लक्ष्मी नरायन यादव के बाद अब राजनरायन सिंह हत्याकांड में भी पूर्व मंत्री को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
विज्ञापन
00000000000000
तीन बार विधायक, एक बार रहे मंत्री
आजमगढ़। अंगद यादव बसपा से तीन बार निजामाबाद विधान सभा सीट से विधायक रहे। बसपा सरकार में मायावती ने उन्हें वन मंत्री बनाया था। इसके बाद लखनऊ में हुए लक्ष्मी नरायन यादव हत्याकांड में वे फंस गए और काफी समय से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्होंने बसपा छोड़ कर भाजपा का भी दामन थाम लिया था और उनके भतीजे मनोज यादव 2022 के विस चुनाव में निजामाबाद से भाजपा प्रत्याशी थे।
विज्ञापन
19 दिसंबर 2015 को राजनरायन सिंह निवासी सम्मोपुर थाना सिधारी टहलने के लिए घर से निकले थे। वे पल्हनी ब्लाक मुख्यालय के सामने पहंुचे थे कि पहले से ही घात लगा कर बैठे शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी थी। राजनरायन सिंह की पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव, अपने पट्टीदार सुनील सिंह के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में शूटर के रूप में सरफूद्दीनपुर मुहल्ला निवासी अरूण यादव व शैलेश यादव उर्फ तेली का नाम प्रकाश में आया। पूर्व मंत्री समेत सभी आरोपी जेल में बंद हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा ने शुक्रवार को मामले में सजा सुनाया। राजनरायन हत्याकांड में चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दी गई तो वहीं इस प्रकरण में लगे गैंगस्टर के मामले में कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा के साथ ही 10-10 हजार के जुर्माने की भी सजा दी।
विज्ञापन
000000000000000
पूर्व में भी मिली चुकी आजीवन कारावास की सजा
आजमगढ़। लखनऊ में वर्षों पूर्व हुए लक्ष्मी नरायन यादव हत्याकांड में भी पूर्व मंत्री अंगद यादव नामजद थे। इस हत्याकांड में इन्हें पहले ही लखनऊ कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। लक्ष्मी नरायन यादव के बाद अब राजनरायन सिंह हत्याकांड में भी पूर्व मंत्री को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
विज्ञापन
00000000000000
तीन बार विधायक, एक बार रहे मंत्री
आजमगढ़। अंगद यादव बसपा से तीन बार निजामाबाद विधान सभा सीट से विधायक रहे। बसपा सरकार में मायावती ने उन्हें वन मंत्री बनाया था। इसके बाद लखनऊ में हुए लक्ष्मी नरायन यादव हत्याकांड में वे फंस गए और काफी समय से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्होंने बसपा छोड़ कर भाजपा का भी दामन थाम लिया था और उनके भतीजे मनोज यादव 2022 के विस चुनाव में निजामाबाद से भाजपा प्रत्याशी थे।