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जेडी ने की विद्यालय के मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति
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आजमगढ़। श्री रामनरेश स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसीरपुर की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति की गई है। ये कार्रवाई एक शिकायत पर जांच टीम की रिपोर्ट पर की गई है। जांच में मान्यता के समय अभिलेख में दर्शाई गई भूमि पर भवन का निर्माण नहीं हुआ था। जबकि कूटरचना कर विद्यालय की मान्यता प्राप्त कर ली गई। जेडी अनारपति वर्मा ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र प्रयागराज से विद्यालय के मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति की है।
नरवे गांव निवासी राजेश कुमार पाठक ने 23 नवंबर 2019 को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर श्री रामनरेश स्मारक उमा विद्यालय बसीरपुर की शिकायत की गई थी। विद्यालय प्रबंधन पर गलत तरीके से मान्यता लेने का आरोप लगाया था। सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। छह दिसंबर 2019 केे सीडीओ और जेडी ने विद्यालय की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। पाया कि विद्यालय को हाईस्कूल की मान्यता मिली हुई है। मान्यता पत्रावली में दर्शाए गए भवन से भिन्न संस्था के नाम दर्ज भूमि जो बशीरपुर गांव स्थित गाटा संख्या 21 पर मात्र चार लिंटर्ड कक्ष, बरामदा है। जिस पर एक माह के अंदर छत की ढलाई की गई है। विद्यालय में बाउंड्री और गेट भी नहीं था। इससे स्पष्ट है कि मान्यता के समय उस भूमि पर किसी भी भवन का निर्माण नहीं किया गया था। जांच समिति ने पाया कि प्रबंधक ने कूटरचना करते हुए श्री रामनरेश स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसीरपुर की मान्यता लिए जाने के लिए श्री रामनरेश स्मारक प्राथमिक विद्यालय क्यामपुर बेलइसा व श्री रामनरेश स्मारक पूर्व माध्यमिक विद्यालय क्यामपुर बेलइसा का भवन दिखाकर फर्जी ढंग से मान्यता प्राप्त कर ली है। इस रिपोर्ट के आधार पर जेडी अनारपति वर्मा ने विद्यालय के मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र प्रयागराज से की है।
विधायक निधि में भी गड़बड़ी पर हो चुकी है कार्रवाई
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी के निर्देश पर हुई जांच में जहां विद्यालय को मान्यता देने में की गई कई गंभीर अनियमितता उजागर हुई। वहीं तथ्यों को छिपाकर विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत विद्यालय को 20 लाख रुपये अनियमित ढंग से दिए जाने का प्रकरण भी सामने आया था। इस मामले में मंडलायुक्त की ओर से डीआरडीए व शिक्षा विभाग, अवर अभियंता के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने तत्कालीन डीआईओएस के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की थी।
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पूर्व में ही प्रबंधक पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि श्रीराम नरेश स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरवे के प्रबंधक ने जिस जमीन को दिखाकर विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत 20 लाख रुपये लिए थे। जबकि विद्यालय के भवन को दूसरी जमीन पर बनाया गया था। इसके लिए प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है।
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नरवे गांव निवासी राजेश कुमार पाठक ने 23 नवंबर 2019 को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर श्री रामनरेश स्मारक उमा विद्यालय बसीरपुर की शिकायत की गई थी। विद्यालय प्रबंधन पर गलत तरीके से मान्यता लेने का आरोप लगाया था। सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। छह दिसंबर 2019 केे सीडीओ और जेडी ने विद्यालय की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। पाया कि विद्यालय को हाईस्कूल की मान्यता मिली हुई है। मान्यता पत्रावली में दर्शाए गए भवन से भिन्न संस्था के नाम दर्ज भूमि जो बशीरपुर गांव स्थित गाटा संख्या 21 पर मात्र चार लिंटर्ड कक्ष, बरामदा है। जिस पर एक माह के अंदर छत की ढलाई की गई है। विद्यालय में बाउंड्री और गेट भी नहीं था। इससे स्पष्ट है कि मान्यता के समय उस भूमि पर किसी भी भवन का निर्माण नहीं किया गया था। जांच समिति ने पाया कि प्रबंधक ने कूटरचना करते हुए श्री रामनरेश स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसीरपुर की मान्यता लिए जाने के लिए श्री रामनरेश स्मारक प्राथमिक विद्यालय क्यामपुर बेलइसा व श्री रामनरेश स्मारक पूर्व माध्यमिक विद्यालय क्यामपुर बेलइसा का भवन दिखाकर फर्जी ढंग से मान्यता प्राप्त कर ली है। इस रिपोर्ट के आधार पर जेडी अनारपति वर्मा ने विद्यालय के मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र प्रयागराज से की है।
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विधायक निधि में भी गड़बड़ी पर हो चुकी है कार्रवाई
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी के निर्देश पर हुई जांच में जहां विद्यालय को मान्यता देने में की गई कई गंभीर अनियमितता उजागर हुई। वहीं तथ्यों को छिपाकर विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत विद्यालय को 20 लाख रुपये अनियमित ढंग से दिए जाने का प्रकरण भी सामने आया था। इस मामले में मंडलायुक्त की ओर से डीआरडीए व शिक्षा विभाग, अवर अभियंता के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने तत्कालीन डीआईओएस के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की थी।
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पूर्व में ही प्रबंधक पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि श्रीराम नरेश स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरवे के प्रबंधक ने जिस जमीन को दिखाकर विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के तहत 20 लाख रुपये लिए थे। जबकि विद्यालय के भवन को दूसरी जमीन पर बनाया गया था। इसके लिए प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है।