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Azamgarh News: हिंदू परिवार ने मुस्लिम कब्रिस्तान के लिए दान की पुश्तैनी जमीन
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07 रामनगर में पांच भाइयों द्वारा कब्रिस्तान के लिए दान की गई भूमि। संवाद
लाटघाट। क्षेत्र के रामनगर गांव में आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक मिसाल पेश करते हुए एक हिंदू परिवार ने मुस्लिम समुदाय को कब्रिस्तान के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दान में दे दी। यह जमीन रसूलपुर भदौरा गांव में स्थित है और रामनगर से ओढ़रा-सलेमपुर संपर्क मार्ग पर आती है। पांचों भाइयों के इस कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
रामनगर गांव निवासी राकेश कुमार सिंह, दिनेश सिंह, सुधाकर सिंह, ओंकार सिंह और अखिलेश सिंह ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया और स्वेच्छा से जमीन दान कर दी। राकेश सिंह ने बताया कि हमने पूरी सहमति और खुशी से यह जमीन हाजीपुर गांव के मुसलमान भाइयों को कब्रिस्तान के लिए दान दी है। यह हमारी तरफ से एक छोटा प्रयास है भाईचारे को मजबूत करने का। भदौरा रसूलपुर के प्रधान प्रतिनिधि सईदुल आजमी ने इसे सेकुलरिज्म की सबसे बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यह बहुत कीमती जमीन है, जिसे भाईचारे की भावना से दान किया गया है। ऐसे कदम समाज को जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं।
हाजीपुर गांव के निवासी मुनव्वर ने बताया कि हमारे गांव में पिछले 25 वर्षों से मुस्लिम कब्रिस्तान नहीं है। हमें शवों को दफनाने के लिए रसूलपुर भदौरा गांव जाना पड़ता था और वहां भी पहले अनुमति लेनी पड़ती थी। अब रामनगर गांव के इस परिवार ने हमारी मुश्किल को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। हम सब बहुत खुश हैं और उनका तहे दिल से धन्यवाद करते हैं। बताते चलें कि हाजीपुर गांव में लगभग 8-10 मुस्लिम परिवार निवास करते हैं, जिन्हें लंबे समय से कब्रिस्तान की जमीन की जरूरत थी। अब जब यह जमीन उन्हें मिली है, पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है, हर कोई पांचों भाइयों के इस कार्य की सराहना कर रहा है।
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रामनगर गांव निवासी राकेश कुमार सिंह, दिनेश सिंह, सुधाकर सिंह, ओंकार सिंह और अखिलेश सिंह ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया और स्वेच्छा से जमीन दान कर दी। राकेश सिंह ने बताया कि हमने पूरी सहमति और खुशी से यह जमीन हाजीपुर गांव के मुसलमान भाइयों को कब्रिस्तान के लिए दान दी है। यह हमारी तरफ से एक छोटा प्रयास है भाईचारे को मजबूत करने का। भदौरा रसूलपुर के प्रधान प्रतिनिधि सईदुल आजमी ने इसे सेकुलरिज्म की सबसे बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यह बहुत कीमती जमीन है, जिसे भाईचारे की भावना से दान किया गया है। ऐसे कदम समाज को जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं।
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हाजीपुर गांव के निवासी मुनव्वर ने बताया कि हमारे गांव में पिछले 25 वर्षों से मुस्लिम कब्रिस्तान नहीं है। हमें शवों को दफनाने के लिए रसूलपुर भदौरा गांव जाना पड़ता था और वहां भी पहले अनुमति लेनी पड़ती थी। अब रामनगर गांव के इस परिवार ने हमारी मुश्किल को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। हम सब बहुत खुश हैं और उनका तहे दिल से धन्यवाद करते हैं। बताते चलें कि हाजीपुर गांव में लगभग 8-10 मुस्लिम परिवार निवास करते हैं, जिन्हें लंबे समय से कब्रिस्तान की जमीन की जरूरत थी। अब जब यह जमीन उन्हें मिली है, पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है, हर कोई पांचों भाइयों के इस कार्य की सराहना कर रहा है।
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