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ढाई सौ एकड़ जमीन घाघरा नदी में विलीन
azamgarh
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:13 AM IST
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मुराली का पुरा में कटान से घाघरा में समा रही कृषि योग्य भूमि।
- फोटो : azamgarh
घाघरा एक बार फिर लोगों की मुसीबत का सबब बन गई है। हालांकि नदी के जलस्तर में घटाव तो हो रहा है लेकिन कटान तेज हो गई है। इसके चलते देवारा खास राजा के मुराली का पुरा की दो रिहायशी मड़ई समेत ढाई सौ एकड़ जमीन घाघरा में विलीन हो चुकी है। उधर, ग्रामीणों ने प्रशासन पर सहयोग न देने का आरोप लगाया है। सगड़ी तहसील क्षेत्रे देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी एक बार तबाही मचाने को आतुर है।
विगत तीन दिनों से नदी के जलस्तर में घटाव का क्रम जारी है लेकिन कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि का कटान तेजी से कर रही है। नदी अब तक लगभग 250 एकड़ भूमि का काटकर अपनी धारा में विलीन हो चुकी है। देवारा खास राजा के मुराली का पुरा कटान की जद में आ चुका है। मुराली का पुरा के देवकी यादव और बगहवा के रामअवध मल्लाह की रिहायशी मड़ई कटान की भेंट चढ़ चुकी है। इन लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। रामअवध राम और रामचंद का कहना है कि हम लोग अपना घर उजाड़कर गोरखपुर जनपद के बिसरा गोला में रहने को मजबूर हैं।
उपजिलाधिकारी सगड़ी चंद्र प्रकाश सरोज ने कहा कि महुला गढ़वल बांध के दक्षिण प्राइमरी स्कूल में शरणार्थी स्थल बनाया गया है। जल्द ही लोगों को इसमें शिफ्ट किया जाएगा। सोमवार की शाम चार बजे डिघिया नाले का जलस्तर 70.55 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 70.70 मीटर पर पहुंच गया। वहीं बदरहुंआ नाले पर सोमवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.59 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 71.66 मीटर हो गया। नदी डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है।
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विगत तीन दिनों से नदी के जलस्तर में घटाव का क्रम जारी है लेकिन कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि का कटान तेजी से कर रही है। नदी अब तक लगभग 250 एकड़ भूमि का काटकर अपनी धारा में विलीन हो चुकी है। देवारा खास राजा के मुराली का पुरा कटान की जद में आ चुका है। मुराली का पुरा के देवकी यादव और बगहवा के रामअवध मल्लाह की रिहायशी मड़ई कटान की भेंट चढ़ चुकी है। इन लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। रामअवध राम और रामचंद का कहना है कि हम लोग अपना घर उजाड़कर गोरखपुर जनपद के बिसरा गोला में रहने को मजबूर हैं।
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उपजिलाधिकारी सगड़ी चंद्र प्रकाश सरोज ने कहा कि महुला गढ़वल बांध के दक्षिण प्राइमरी स्कूल में शरणार्थी स्थल बनाया गया है। जल्द ही लोगों को इसमें शिफ्ट किया जाएगा। सोमवार की शाम चार बजे डिघिया नाले का जलस्तर 70.55 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 70.70 मीटर पर पहुंच गया। वहीं बदरहुंआ नाले पर सोमवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.59 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 71.66 मीटर हो गया। नदी डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है।
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