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Azamgarh News: जर्जर एडेड स्कूलों के कायाकल्प में पूर्व छात्रों व जनप्रतिनिधियों करेंगे मदद
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आजमगढ़। जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प में अब पूर्व छात्रों, जनप्रतिनिधियों और सीएसआर फंड से भी मदद ली जा सकेगी। जीर्णोद्धार, मरम्मत, पुनर्निर्माण, निर्माण और अवस्थापना सुविधाओं पर होने वाले खर्च की 25 फीसदी राशि अब इन स्रोतों से जुटाई जा सकेगी, जबकि शेष 75 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एडेड कॉलेजों के कायाकल्प के लिए दो वर्ष पूर्व प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की थी। इसके तहत 50 वर्ष से कम समय में मान्यता प्राप्त पुराने व जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण व सुविधाओं के विकास के लिए सरकार 75 फीसदी और शेष 25 फीसदी राशि संस्था-प्रबंधन से जुटाने का प्रावधान था।
इस योजना के तहत कई विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है, लेकिन कुछ संस्थाएं 25 फीसदी राशि की व्यवस्था न कर पाने से वंचित रह गई थीं। अब विभाग ने संशोधित प्रस्ताव जारी किया है कि प्रबंधन की ओर से जुटाई जाने वाली 25 फीसदी राशि सांसद-विधायक निधि, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), पूर्व छात्रों, गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों या अन्य संस्थाओं से प्राप्त की जा सकेगी। इससे जर्जर विद्यालयों के कायाकल्प की राह और आसान हो जाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एडेड कॉलेजों के कायाकल्प के लिए दो वर्ष पूर्व प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की थी। इसके तहत 50 वर्ष से कम समय में मान्यता प्राप्त पुराने व जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण व सुविधाओं के विकास के लिए सरकार 75 फीसदी और शेष 25 फीसदी राशि संस्था-प्रबंधन से जुटाने का प्रावधान था।
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इस योजना के तहत कई विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है, लेकिन कुछ संस्थाएं 25 फीसदी राशि की व्यवस्था न कर पाने से वंचित रह गई थीं। अब विभाग ने संशोधित प्रस्ताव जारी किया है कि प्रबंधन की ओर से जुटाई जाने वाली 25 फीसदी राशि सांसद-विधायक निधि, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), पूर्व छात्रों, गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों या अन्य संस्थाओं से प्राप्त की जा सकेगी। इससे जर्जर विद्यालयों के कायाकल्प की राह और आसान हो जाएगी।
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