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Azamgarh News: जिप्सो फिला फूलों की खेती से किसानों को लाखों का मुनाफा
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पाली हाउस में कटाई कर रखे जिप्सो फिला (फूल)। संवाद
साल्हेपुर। गांव में वैज्ञानिक तकनीक से की जा रही जिप्सो फिला फूलों की खेती किसानों की आय का नया और मजबूत जरिया बनकर उभरी है। शेडनेट (पाली हाउस) में हो रही इस आधुनिक खेती के जरिए किसान सालाना 8 से 10 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
किसान अमित कुमार सिंह ''राजन'' ने उद्यान विभाग से मिले 50 प्रतिशत अनुदान की मदद से 4000 वर्ग मीटर में पाली हाउस तैयार किया है। उन्होंने बंगलौर से करीब 20 हजार पौधे मंगाकर लगाए, जिसकी कुल लागत लगभग 6 लाख रुपये आई। वर्तमान में जिप्सो फिला की पहली ही कटिंग से उन्हें 8 से 10 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है, जबकि दूसरी कटिंग से और भी बेहतर मुनाफे की उम्मीद है।
सजावट और गजरे के लिए उपयोग होने वाला यह फूल दिल्ली की गाजीपुर मंडी में 300 से 400 रुपये प्रति गुच्छा (15-20 फूल) बिक रहा है। इससे पहले अमित ने इसी तकनीक से खीरे की खेती कर भी करीब 10 लाख रुपये की बचत की थी।
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अवध नारायण सिंह के अनुसार, पूरी खेती वैज्ञानिक विधि से होने के कारण उत्पादन और गुणवत्ता दोनों ही उत्कृष्ट हैं। इस सफलता को देखने और आधुनिक खेती के गुर सीखने के लिए अब दूर-दराज के किसान भी साल्हेपुर गांव पहुँच रहे हैं।
गांव में 7-8 मजदूरों को मिला रोजगार
सगड़ी। साल्हेपुर गांव में इस आधुनिक खेती न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। जिप्सो फिला (फूल) की खेती के चलते यहां 7 से 8 मजदूरों को नियमित रोजगार मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका को मजबूती मिली है। इस सफलता ने न केवल किसान की आर्थिक स्थिति सुधारी है, बल्कि गांव में रोजगार के नए रास्ते भी खोल दिए हैं।
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किसान अमित कुमार सिंह ''राजन'' ने उद्यान विभाग से मिले 50 प्रतिशत अनुदान की मदद से 4000 वर्ग मीटर में पाली हाउस तैयार किया है। उन्होंने बंगलौर से करीब 20 हजार पौधे मंगाकर लगाए, जिसकी कुल लागत लगभग 6 लाख रुपये आई। वर्तमान में जिप्सो फिला की पहली ही कटिंग से उन्हें 8 से 10 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है, जबकि दूसरी कटिंग से और भी बेहतर मुनाफे की उम्मीद है।
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सजावट और गजरे के लिए उपयोग होने वाला यह फूल दिल्ली की गाजीपुर मंडी में 300 से 400 रुपये प्रति गुच्छा (15-20 फूल) बिक रहा है। इससे पहले अमित ने इसी तकनीक से खीरे की खेती कर भी करीब 10 लाख रुपये की बचत की थी।
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अवध नारायण सिंह के अनुसार, पूरी खेती वैज्ञानिक विधि से होने के कारण उत्पादन और गुणवत्ता दोनों ही उत्कृष्ट हैं। इस सफलता को देखने और आधुनिक खेती के गुर सीखने के लिए अब दूर-दराज के किसान भी साल्हेपुर गांव पहुँच रहे हैं।
गांव में 7-8 मजदूरों को मिला रोजगार
सगड़ी। साल्हेपुर गांव में इस आधुनिक खेती न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। जिप्सो फिला (फूल) की खेती के चलते यहां 7 से 8 मजदूरों को नियमित रोजगार मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका को मजबूती मिली है। इस सफलता ने न केवल किसान की आर्थिक स्थिति सुधारी है, बल्कि गांव में रोजगार के नए रास्ते भी खोल दिए हैं।