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Azamgarh News: 12 घंटे ही मिल पा रही बिजली
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आजमगढ़। शेड्यूल के अनुसार बिजली मिलने के दावे के बावजूद कटौती हो रही है। जो बिजली मिल रही वह भी ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जा रही है। कहीं 10 तो कहीं 12 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। उपकेंद्र मोहम्मदपुर से फरिहा क्षेत्र को मिलने वाली बिजली बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे कटी तो शाम चार बजे तक नहीं आई।
इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी। इस कारण ट्रांसफाॅर्मरों को बचाने के लिए कहीं कूलर लगाना पड़ा तो कहीं पानी का छिड़काव करना पड़ा था। अप्रैल से लेकर जून तक बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई थी। मानसून आने के बाद अधिकतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। लोगों को लगा कि अब बिजली आपूर्ति में सुधार होगी और शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को शेड्यूल के अनुसार ही बिजली मिलेगी। लेकिन ऐसा हो नहीं सका है। पहले जैसी ट्रिपिंग ओर कटौती की समस्या बनी हुई है। मुबारकपुर का मोहब्बतपुर उपकेंद्र, ठेकमा, मेंहनगर, फरिहा आदि क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि मंडलायुक्त समीक्षा बैठक में निर्बाध बिजली आपूर्ति और खराब ट्रांसफाॅमरों को समय से न बदले जाने पर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। उपकेंद्र ठेकमा का यही हाल है। यहां कटौती के साथ ही फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से लोग परेशान हैं। उपकेंद्र मोहम्मदपुर से फरिहा क्षेत्र को आपूर्ति होने वाली बिजली बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे कटी तो शाम चार बजे तक नहीं आई।
मोहब्बतपुर फीडर की स्थिति तो और खराब है। बुधवार को दिन भर बिजली नहीं थी तो बृहस्पतिवार को भोर में तीन बजे कटी तो दिन में 11 बजे आई। इसके बाद कटी तो फिर शाम को आई। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जब लोग उपकेंद्र पर संपर्क कर रहे हैं तो वहां के जेई, एसडीओ को मालूम ही नहीं रहता कि उनके क्षेत्र की बिजली कटी हुई है। वह सिर्फ एक लाइन बोल रहे कि शेड्यूल के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को पूरी बिजली दी जा रही है।
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इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी। इस कारण ट्रांसफाॅर्मरों को बचाने के लिए कहीं कूलर लगाना पड़ा तो कहीं पानी का छिड़काव करना पड़ा था। अप्रैल से लेकर जून तक बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई थी। मानसून आने के बाद अधिकतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। लोगों को लगा कि अब बिजली आपूर्ति में सुधार होगी और शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को शेड्यूल के अनुसार ही बिजली मिलेगी। लेकिन ऐसा हो नहीं सका है। पहले जैसी ट्रिपिंग ओर कटौती की समस्या बनी हुई है। मुबारकपुर का मोहब्बतपुर उपकेंद्र, ठेकमा, मेंहनगर, फरिहा आदि क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि मंडलायुक्त समीक्षा बैठक में निर्बाध बिजली आपूर्ति और खराब ट्रांसफाॅमरों को समय से न बदले जाने पर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। उपकेंद्र ठेकमा का यही हाल है। यहां कटौती के साथ ही फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से लोग परेशान हैं। उपकेंद्र मोहम्मदपुर से फरिहा क्षेत्र को आपूर्ति होने वाली बिजली बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे कटी तो शाम चार बजे तक नहीं आई।
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मोहब्बतपुर फीडर की स्थिति तो और खराब है। बुधवार को दिन भर बिजली नहीं थी तो बृहस्पतिवार को भोर में तीन बजे कटी तो दिन में 11 बजे आई। इसके बाद कटी तो फिर शाम को आई। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जब लोग उपकेंद्र पर संपर्क कर रहे हैं तो वहां के जेई, एसडीओ को मालूम ही नहीं रहता कि उनके क्षेत्र की बिजली कटी हुई है। वह सिर्फ एक लाइन बोल रहे कि शेड्यूल के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को पूरी बिजली दी जा रही है।
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