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मौत के कारोबारी नेताओं की भेजी गई सूची

Tue, 12 Feb 2019 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 12:03 AM IST
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मौत के कारोबारी नेताओं की भेजी गई सूची
आजमगढ़। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले सहारनपुर, कौशांबी आदि जिलों में जहरीली शराब से हुई मौत के बाद तिलमिलाई सरकार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मुड में है। सीएम आदित्यनाथ योगी के निर्देश पर जहरीली शराब की वजह से जिन-जिन जिलों में मौत हो चुकी है। उन जिलों के ऐसे नेताओं की सूची मांगी गई है। जिनकी संलिप्तता मौत के इस कारोबार से है। पहचान होने के बाद भी इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके पीछे सरकार जहां कारोबार को जड़ से समाप्त करने में कामयाब होना चाह रही। वहीं इस बात का भी अंदाजा हो जाएगा कि कहीं छवि धुमिल करने के लिए किसी का साजिश तो नहीं।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सख्ती का परिणाम रहा कि आजमगढ़ जिले की पुलिस रविवार की रात एक बजे तक सूत्रों की मदद से सूची तैयार करने में जुटी रही। साथ ही इस बात का भी ब्यौरा जुटाया गया कि जिन-जिन थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब से मौत हुई है। उसके पीछे प्रमुख कौन-कौन से लोगों का हाथ रहा। इनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई। सोमवार को पूरा डाटा तैयार कर मुख्यालय भेजवा दिया गया। जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक हुई बड़ी घटनाओं में वर्ष 2009 में चुनाव से पहले बरदह थाने के इरनी गांव में जहरीली शराब पीने से करीब दस से अधिक लोगों की मौत और कईयों के आंख की रोशनी चली गई। यह मामला शांत हुआ तो वर्ष 2013 में मुबारकपुर थाने केरमा सहित आसपास गांव के 56 लोगों की मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं के पीछे राजनीति से जुड़े लोगों का नाम खुला, लेकिन बगैर कार्रवाई के मामला दबा दिया गया। इस लापरवाही का परिणाम रहा कि सक्रिय शराब माफिया ठिकाना बदलते हुए रौनापार में सक्रिय हो गए। सात जुलाई 2017 को जहरीली शराब के सेवन से रौनापार सहित आसपास के जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के 30 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में भी सफेदपोशों की संलिप्तता उजागर हुई। जिसकी बाकाएदे सूची तो तैयार हुई, लेकिन लापरवाही के चलते मामला ठंडा पड़ गया। जबकि आरोपियों के पास से बरामद हुई मोबाइलों के डाटा आदि से पूरी तरह से स्पष्ट हो गया था कि इस कारोबार में कौन-कौन से सफेदपोश जुड़े हुए हैं। यह मामला दबा हुआ था, लेकिन सहारनपुर, कौशांबी आदि जिलों में हुई घटनाओं से सरकार के कान खड़े हो गए हैं।
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पुराने रिकार्ड के मुताबिक शराब कारोबार से जुड़े नेताओं सहित अन्य की अलग-अलग सूची तैयार कर भेज दी गई है। साथ ही कई और संदिग्ध लोगों के नाम और पते की जांच की जा रही है। जल्द ही ऐसे लोगों के विरुद्ध अभियान छेड़ा जाएगा। -बबलू कुमार, एसपी
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रेंज में दर्ज हुए 62 मुकदमे
आजमगढ़। डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र विजय भूषण ने बताया कि सोमवार की शाम तक तीनों जिले आजमगढ़, मऊ और बलिया में कुल 62 शराब कारोबरियों के विरुद्ध केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की गई है। साथ ही अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा कि वे जेल में हैं या बाहर हैं। बाहर हैं तो क्या कर रहे हैं। जमानतदारों की क्या स्थिति है। आदि का ब्यौरा जुटाया जा रहा।
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