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Azamgarh News: स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर समितियां रखेंगी नजर
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स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर अब विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों का गठन किया जाएगा। समितियां स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक उपकरण, चालक-परिचालक के मानकों और सड़क सुरक्षा नियमों की निगरानी करेंगी। समिति के अध्यक्ष विद्यालय प्राधिकारी होंगे।
समिति में तहसीलदार, संबंधित थानाध्यक्ष, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि, दो अभिभावक, दो वाहन संचालक प्रतिनिधि और स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।
समिति का उद्देश्य स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का नियमित पालन सुनिश्चित करना होगा। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड का नोडल अधिकारी नामित किया है।
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नोडल अधिकारी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन और उनकी बैठकों की निगरानी करेंगे। समिति की बैठक वर्ष में चार बार जुलाई, अक्तूबर, जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाएगी।
प्रत्येक बैठक में कम से कम पांच सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यवृत्त तैयार कर सुरक्षित रखा जाएगा। समिति का गठन नहीं करने या निर्धारित समय पर बैठक नहीं कराने वाले विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, समिति के माध्यम से स्कूली वाहनों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा की जाएगी। एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीआईओएस और बीएसए के स्तर से विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
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समिति में तहसीलदार, संबंधित थानाध्यक्ष, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि, दो अभिभावक, दो वाहन संचालक प्रतिनिधि और स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।
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समिति का उद्देश्य स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का नियमित पालन सुनिश्चित करना होगा। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड का नोडल अधिकारी नामित किया है।
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नोडल अधिकारी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन और उनकी बैठकों की निगरानी करेंगे। समिति की बैठक वर्ष में चार बार जुलाई, अक्तूबर, जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाएगी।
प्रत्येक बैठक में कम से कम पांच सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यवृत्त तैयार कर सुरक्षित रखा जाएगा। समिति का गठन नहीं करने या निर्धारित समय पर बैठक नहीं कराने वाले विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, समिति के माध्यम से स्कूली वाहनों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा की जाएगी। एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीआईओएस और बीएसए के स्तर से विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।