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Azamgarh News: असिस्टेंट बिलिंग प्रणाली से भी नहीं सुधर रहे बिजली बिल में गडबड़ी के मामले

Mon, 09 Sep 2024 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2024 12:54 AM IST
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Cases of irregularities in electricity bills are not improving even with the Assistant Billing System.
आजमगढ़। जिले में बिजली बिल में गड़बड़ी के मामलों में सुधार नहीं हो पा रहा है। मीटर रीडरों की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उपभोक्ता बिजली बिल सही करवाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। असिस्टेंट बिलिंग भी बिजली बिलों में गड़बड़ी नहीं रोक पा रही है।
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जिले में विद्युत वितरण के छह खंड हैं। इन खंडों में विभिन्न भार के कुल 6.90 लाख उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल उपलब्ध कराने के लिए वितरण खंडों में निजी कंपनी द्वारा 464 मीटर रीडर रखे गए हैं। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल उपलब्ध हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल नहीं मिलता, गलत रीडिंग के कारण अधिक बिल भी आता है। उपभोक्ताओं के यहां गए बिना ही रीडिंग की फीडिंग की जा रही है। हालांकि निगम ने समस्याओं को देखते हुए असिस्टेंट बिलिंग की शुरुआत की। असिस्टेंट बिलिंग में मीटर रीडरों के साथ संविदा लाइनमैनों की भी ड्यूटी लगाई गई है। फिर भी बिजली बिलों में गड़बड़ी के मामले नहीं थम रहे हैं।
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मैंने दिसंबर 2023 में बिजली का कनेक्शन लिया था। एक माह बाद ही 54 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। जब एसडीओ नगर प्रथम के पास गया तो उन्होंने कहा कि यह एसडीओ द्वितीय के क्षेत्र का मामला है। जब एसडीओ द्वितीय के पास गया तो उन्होंने कहा कि एक्सईएन ही इसे सही कर सकते हैं। जब एक्सईएन शहर के पास गया तो फिर एसडीओ के पास भेज दिया गया। आठ माह का समय बीत गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
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- सुरेश आर्य उपभोक्ता, सिधारी
मेरा कनेक्शन काफी पुराना है। हर माह सात से आठ सौ रुपये बिजली बिल आता था। इसे पांच-छह माह का इकट्ठा जमा करता था। अगस्त में 13226 रुपये बिजली बिल थी। लेकिन सितंबर में अचानक 1.72 लाख रुपये हो गया। इसे सही कराने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहा हूं लेकिन अधिकारी नहीं सुन रहे हैं।
- ओमप्रकाश सिंह, उपभोक्ता मेंहनगर
मैने डेढ़ साल पहले ही कनेक्शन लिया है। हर माह छह या सात सौ रुपये बिजली बिल आता था। उसको हर माह जमा भी कर देता था लेकिन फरवरी में नौ हजार बिल भेज दिया गया। सही कराने के लिए कई बार उपखंड अधिकारी मुबारकपुर के पास गया लेकिन नहीं किया गया। अब थक हार कर घर बैठ गया हूं। मीटर रीडर ने घर बैठकर ही गलत रीडिंग भर दिया है। - बहादुर उपभोक्ता, शाहगढ़।

उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए ही निगम की तरफ से असिस्टेंट बिलिंग की शुरूआत की गई है। इसमें मीटर रीडरों के साथ लाइनमैन को भी लगाया गया है। जिस उपभोक्ता के बिजली बिल में गड़बड़ी है वह शिकायत करे, सही किया जाएगा। साथ ही अगर मीटर रीडर दोषी होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - घनश्याम, अधीक्षण अभियंता प्रथम।
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