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Azamgarh News: हर साल अभियान फिर भी पांच वर्ष में गई 1587 की जान
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आजमगढ़। जनपद में प्रतिवर्ष यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत पांच वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो पांच सालों में 1587 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी लापरवाही बरकरार है।
जिले की सड़कों पर पांच साल में 2724 और इस वर्ष 10 माह में कुल 663 सड़क हादसे हुए। जिनमें पांच सालों में 1587 तो इस वर्ष 10 माह में 320 लोगों की जान चली गई। इन हादसों में 547 लोग इस वर्ष 10 माह में चोटिल हुए हैं वहीं पांच सालों में कुल 1620 लोग चोटिल हुए।
एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 20 ब्लैक स्पॉट हैं जहां सबसे अधिक जांच भी कराई गई। पांच या इससे अधिक बार गंभीर सड़क हादसे होने वाले स्थान की मैपिंग कराई गई। तेज रफ्तार, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था में कमी हादसों का बड़ा कारण है। साथ ही संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर, वार्निंग साइन बोर्ड नहीं होना भी दुर्घटनाओं की वजह बनी है।
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इसके अलावा डिवाइडर पर अवैध कट, ओवर स्पीड, गहरे मोड़ भी हादसे कारण रहे हैं। इन जगहों पर सुरक्षा के उपाय करने के लिए संबंधित विभागों को सूची सौंप दी गई है।
जागरूकता अभियान का असर सीमित
सड़क सुरक्षा माह और जागरूकता कार्यक्रम अक्सर हेलमेट वितरण और साइनबोर्ड लगाने तक सीमित रह जाते हैं। बावजूद इसके हादसों पर काबू नहीं पाया जा सका।
सड़क हादसों के मुख्य कारण:
- तेज रफ्तार और ओवर स्पीड : कई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हुईं।
- सड़क निर्माण में खामियां: अधूरे निर्माण, अवैध कट, और गड्ढों की वजह से हादसे बढ़े।
- यातायात नियमों की अनदेखी: बिना हेलमेट, तीन-चार सवारियों वाली बाइक, और गलत दिशा में गाड़ी चलाने की प्रवृत्ति।
- ड्रंक एंड ड्राइव और मोबाइल का इस्तेमाल: शराब पीकर वाहन चलाना और मोबाइल का उपयोग बड़े हादसों के कारण बने।
पिछले पांच साल में हुए सड़क हादसे
वर्ष - हादसे - मृतक - घायल
2019 - 584 - 373 - 349
2020 - 483 - 281 - 278
2021 - 561 - 342 - 263
2022 - 412 - 231 - 204
2023 - 684 - 360 - 516
2024 - 663 - 320 - 547 (जनवरी से अक्तूबर तक)
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जिले की सड़कों पर पांच साल में 2724 और इस वर्ष 10 माह में कुल 663 सड़क हादसे हुए। जिनमें पांच सालों में 1587 तो इस वर्ष 10 माह में 320 लोगों की जान चली गई। इन हादसों में 547 लोग इस वर्ष 10 माह में चोटिल हुए हैं वहीं पांच सालों में कुल 1620 लोग चोटिल हुए।
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एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 20 ब्लैक स्पॉट हैं जहां सबसे अधिक जांच भी कराई गई। पांच या इससे अधिक बार गंभीर सड़क हादसे होने वाले स्थान की मैपिंग कराई गई। तेज रफ्तार, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था में कमी हादसों का बड़ा कारण है। साथ ही संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर, वार्निंग साइन बोर्ड नहीं होना भी दुर्घटनाओं की वजह बनी है।
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इसके अलावा डिवाइडर पर अवैध कट, ओवर स्पीड, गहरे मोड़ भी हादसे कारण रहे हैं। इन जगहों पर सुरक्षा के उपाय करने के लिए संबंधित विभागों को सूची सौंप दी गई है।
जागरूकता अभियान का असर सीमित
सड़क सुरक्षा माह और जागरूकता कार्यक्रम अक्सर हेलमेट वितरण और साइनबोर्ड लगाने तक सीमित रह जाते हैं। बावजूद इसके हादसों पर काबू नहीं पाया जा सका।
सड़क हादसों के मुख्य कारण:
- तेज रफ्तार और ओवर स्पीड : कई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हुईं।
- सड़क निर्माण में खामियां: अधूरे निर्माण, अवैध कट, और गड्ढों की वजह से हादसे बढ़े।
- यातायात नियमों की अनदेखी: बिना हेलमेट, तीन-चार सवारियों वाली बाइक, और गलत दिशा में गाड़ी चलाने की प्रवृत्ति।
- ड्रंक एंड ड्राइव और मोबाइल का इस्तेमाल: शराब पीकर वाहन चलाना और मोबाइल का उपयोग बड़े हादसों के कारण बने।
पिछले पांच साल में हुए सड़क हादसे
वर्ष - हादसे - मृतक - घायल
2019 - 584 - 373 - 349
2020 - 483 - 281 - 278
2021 - 561 - 342 - 263
2022 - 412 - 231 - 204
2023 - 684 - 360 - 516
2024 - 663 - 320 - 547 (जनवरी से अक्तूबर तक)