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पीएमओ में प्रोटोकाॅल अधिकारी बनकर 15 लाख रुपये ठग
Azamgarh,
Updated Sat, 06 May 2017 12:13 AM IST
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थाना क्षेत्र के समदी गांव निवासी एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अहरौला थाने में तहरीर दिया। इसमें आरोप है कि तहबरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला उसका एक रिश्तेदार अपने को पीएमओ में प्रोटोकाल अधिकारी बताते हुए सात प्रदेशों में शराब की दूकान खोलवाने के लिए 15 लाख रुपये ऐंठ लिया। लेकिन दूकान खोलने का लाइसेंस नहीं दिला सका। जबकि पीड़ित ने यह रकम अपना दिल्ली का फ्लैट गिरवी रखकर दिया है। अब रुपये मांगने पर वह जान मारने की धमकी दे रहा है।
पीड़ित दुर्गेश तिवारी पुत्र विद्या अहरौला थाना क्षेत्र के समदी गांव का निवासी है। दुर्गेश के मुताबिक वह दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। उसका दिल्ली में खुद का फ्लैट है। दुर्गेश ने बताया कि तहबरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले उसका एक रिश्तेदार है। वर्ष 2015 में रिश्तेदार उसके घर आया और अपने को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रोटोकाल अधिकारी बताया। रिश्तेदार ने दुर्गेश तिवारी से कहा कि हम तुम्हें सात राज्यों में शराब की दूकान खोलने का लाइसेंस दिलवा देंगे।
रिश्तेदार के झांसे में आकर दुर्गेश तिवारी ने उसे थोड़ा-थोड़ा करके कुल 15 लाख रुपये दे दिया। यह रुपये दुर्गेश ने अपना दिल्ली वाला फ्लैट गिरवी रखकर दिया। जिसका वह प्रतिमाह 75 हजार रुपये ब्याज दे रहा है। लेकिन शराब की दूकान का लाइसेंस उसे अब तक नहीं मिल सका। कुछ दिन पूर्व दुर्गेश का रिश्तेदार अपने घर आया था तो उसने अपना रुपया मांगा तो वह इंकार कर दिया। साथ ही जान मारने की धमकी दिया। ठगी का एहसास होने पर दुर्गेश ने शुक्रवार को अहरौला थाने में केस दर्ज कर कार्रवाई के लिए तहरीर दिया। सीओ बूढनपुर सुधाकर सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। रिपोर्ट नहीं दर्ज है। मामले की जांच अहरौला एसओ चंद्रभाष्कर द्विवेदी कर रहे हैं।
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पीड़ित दुर्गेश तिवारी पुत्र विद्या अहरौला थाना क्षेत्र के समदी गांव का निवासी है। दुर्गेश के मुताबिक वह दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। उसका दिल्ली में खुद का फ्लैट है। दुर्गेश ने बताया कि तहबरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले उसका एक रिश्तेदार है। वर्ष 2015 में रिश्तेदार उसके घर आया और अपने को प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रोटोकाल अधिकारी बताया। रिश्तेदार ने दुर्गेश तिवारी से कहा कि हम तुम्हें सात राज्यों में शराब की दूकान खोलने का लाइसेंस दिलवा देंगे।
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रिश्तेदार के झांसे में आकर दुर्गेश तिवारी ने उसे थोड़ा-थोड़ा करके कुल 15 लाख रुपये दे दिया। यह रुपये दुर्गेश ने अपना दिल्ली वाला फ्लैट गिरवी रखकर दिया। जिसका वह प्रतिमाह 75 हजार रुपये ब्याज दे रहा है। लेकिन शराब की दूकान का लाइसेंस उसे अब तक नहीं मिल सका। कुछ दिन पूर्व दुर्गेश का रिश्तेदार अपने घर आया था तो उसने अपना रुपया मांगा तो वह इंकार कर दिया। साथ ही जान मारने की धमकी दिया। ठगी का एहसास होने पर दुर्गेश ने शुक्रवार को अहरौला थाने में केस दर्ज कर कार्रवाई के लिए तहरीर दिया। सीओ बूढनपुर सुधाकर सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। रिपोर्ट नहीं दर्ज है। मामले की जांच अहरौला एसओ चंद्रभाष्कर द्विवेदी कर रहे हैं।
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