{"_id":"5ef8cc978ebc3e42e303eb2f","slug":"azamgarh-tops-in-giving-benefits-of-kisan-samman-nidhi-to-farmers-azamgarh-news-vns532795573","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को देने में आजमगढ़ सूबे में अव्वल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को देने में आजमगढ़ सूबे में अव्वल
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जनपद में अब तक 7,51,159 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें से 7,14,972 किसान पात्र हैं। शेष किसानों को विभिन्न कारणों से अपात्र घोषिथ किया गया है। उप कृषि निदेशक डॉ आरके मौर्य ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक 6,32,004 किसानों को नियमित रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। आजमगढ़ ब्लाकों की संख्या के अनुसार पूरे प्रदेश में सबसे बड़ा जनपद है, लेकिन किसान परिवारों की संख्या के आधार पर आजमगढ़ से अधिक किसान जौनपुर, हरदोई, सीतापुर तथा लखीमपुर खीरी में हैं। योजना का लाभ पाने से सिर्फ वही किसान वंचित हैं, जिनके अभिलेखों में कमियां हैं या जिनके डुप्लीकेट पंजीकरण हैं। वे सभी किसान अपने आधार संशोधन में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग द्वारा ऐसे किसानों को चिन्हित कर उनके डाटा को डिलीट करा दिया जाएगा।
ऐसे किसानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो पंजीकरण के समय योजना के लाभ लेने के लिए पात्र थे। वर्तमान समय में कई कारणों से वे अपात्र हो गए हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिन किसानों के आधार संशोधन के लिए डाटा अवशेष है और पात्रता की श्रेणी में आते हैं, वह अविलंब आधार संशोधन करने के लिए अपने अभिलेख कृषि विभाग के कार्मिक को उपलब्ध करा दें। किसानों का पंजीकरण कृषि विभाग की ओर से नहीं किया जाएगा। वेबसाइट पर ओपन सोर्स से पंजीकरण होगा। ऐसे किसान जिन्होंने ओपन सोर्स से पंजीयन कराया है अभिलेखों की जांच के लिए कृषि विभाग के कर्मी को उपलब्ध कराए हैं, तभी उन्हें भुगतान की अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। जिन किसानों द्वारा अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ लेने के लिए जानबूझकर फर्जी पंजीकरण कराया जा रहा है, विभाग द्वारा उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी। साथ ही अब तक प्राप्त की गई धनराशि की वसूली भी किया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसे किसानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो पंजीकरण के समय योजना के लाभ लेने के लिए पात्र थे। वर्तमान समय में कई कारणों से वे अपात्र हो गए हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिन किसानों के आधार संशोधन के लिए डाटा अवशेष है और पात्रता की श्रेणी में आते हैं, वह अविलंब आधार संशोधन करने के लिए अपने अभिलेख कृषि विभाग के कार्मिक को उपलब्ध करा दें। किसानों का पंजीकरण कृषि विभाग की ओर से नहीं किया जाएगा। वेबसाइट पर ओपन सोर्स से पंजीकरण होगा। ऐसे किसान जिन्होंने ओपन सोर्स से पंजीयन कराया है अभिलेखों की जांच के लिए कृषि विभाग के कर्मी को उपलब्ध कराए हैं, तभी उन्हें भुगतान की अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी। जिन किसानों द्वारा अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ लेने के लिए जानबूझकर फर्जी पंजीकरण कराया जा रहा है, विभाग द्वारा उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी। साथ ही अब तक प्राप्त की गई धनराशि की वसूली भी किया जाएगा।
विज्ञापन