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Azamgarh News: 50 प्रतिशत स्कूलों में फर्नीचर नहीं, जमीन पर बैठकर कर रहे पढ़ाई
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आजमगढ़। बारिश का मौसम चल रहा है। अगले दो माह में ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा लेकिन परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बैठने के लिए फर्नीचर के इंतजाम नहीं हैं। ठंड में बच्चे जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करने को विवश होंगे। जिले में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
जिले में 2706 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में तीन लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। शासन से इन स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इनमें बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की भी व्यवस्था शामिल है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत शहरी स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। शहरी क्षेत्र के अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
कायाकल्प के तहत स्कूलों में कार्य कराए जा रहे हैं। फर्नीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। जिन विद्यालयों में फर्नीचर की सुविधा नहीं है, उन्हें भी देने का प्रयास हो रहा है। - राजीव पाठक, बीएसए।
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जिले में 2706 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में तीन लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। शासन से इन स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इनमें बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की भी व्यवस्था शामिल है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत शहरी स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। शहरी क्षेत्र के अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
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कायाकल्प के तहत स्कूलों में कार्य कराए जा रहे हैं। फर्नीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। जिन विद्यालयों में फर्नीचर की सुविधा नहीं है, उन्हें भी देने का प्रयास हो रहा है। - राजीव पाठक, बीएसए।
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