{"_id":"6a662f247c3dfb3e5c0b003e","slug":"water-tank-pillars-in-tandwa-village-damaged-within-a-year-ayodhya-news-c-13-1-lko1121-1847169-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: टंडवा गांव में पानी की टंकी के पिलर एक साल में हुए क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: टंडवा गांव में पानी की टंकी के पिलर एक साल में हुए क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
टंडवा में पानी की टंकी।
अमानीगंज। क्षेत्र के टंडवा गांव में एक वर्ष पहले बनी पानी की टंकी के पिलर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रविवार को मरम्मत करने पहुंची टीम को ग्रामीणों के विरोध के कारण काम रोकना पड़ा। ग्रामीण निर्माण में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत 278.66 लाख रुपये की लागत से यूनिवर्सल एमईपी प्रोजेक्ट्स एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड ने यह टंकी बनाई थी। टंकी के चालू होने के कुछ समय बाद ही पिलरों में दरारें आ गईं। उनसे गिट्टी व मसाला झड़ने लगा तो ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। स्कॉम कंपनी के मजदूर मरम्मत के लिए पिलरों की खुदाई कर रहे थे। पूर्व प्रधान अमर प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार, भुल्लर, राजेश समेत अन्य ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य में दो सूत की पतली सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जल निगम के अवर अभियंता शिवम सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि तकनीकी टीम की जांच के बाद ही मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि विशेषज्ञों की टीम से गहन जांच कराई जाए। वे भविष्य में किसी खतरे से बचने के लिए उचित मरम्मत और लापरवाह कंपनी पर कार्रवाई चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जल जीवन मिशन के तहत 278.66 लाख रुपये की लागत से यूनिवर्सल एमईपी प्रोजेक्ट्स एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड ने यह टंकी बनाई थी। टंकी के चालू होने के कुछ समय बाद ही पिलरों में दरारें आ गईं। उनसे गिट्टी व मसाला झड़ने लगा तो ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। स्कॉम कंपनी के मजदूर मरम्मत के लिए पिलरों की खुदाई कर रहे थे। पूर्व प्रधान अमर प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार, भुल्लर, राजेश समेत अन्य ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य में दो सूत की पतली सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
जल निगम के अवर अभियंता शिवम सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि तकनीकी टीम की जांच के बाद ही मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि विशेषज्ञों की टीम से गहन जांच कराई जाए। वे भविष्य में किसी खतरे से बचने के लिए उचित मरम्मत और लापरवाह कंपनी पर कार्रवाई चाहते हैं।
विज्ञापन