UP: अब अग्निशमन NOC न होने पर लाइसेंस-बिजली कनेक्शन नहीं, सभी बड़े भवनों की फायर सेफ्टी आडिट अनिवार्य
अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार ने सभी बड़े भवनों की फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दी है। बिना अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र के व्यापार लाइसेंस और बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा। जिलों में टास्क फोर्स बनेगी। बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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राजधानी के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती को देखते हुए प्रदेश भर में सभी बड़े भवनों में फायर सेफ्टी आडिट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवन नर्सिंगहोम, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाएगा। वहीं, सरकार ने तय किया है कि अब आग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स होगी।
इस संबंध में आवास एवं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव गुरुप्रसाद ने बृहस्पतिवार को शासनादेश जारी किया है। इसमें सभी विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को तत्काल इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही अवैध व्यावसायिक गतिविधियां मिलने पर प्रवर्तन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने और एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों का उत्तरदायित्व तय करने के निर्देश दिए गए हैं।अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम और बिजली विभाग के कागजातों को एकत्र किया जाए, जिससे अग्निशमन एनओसी न होने वाले भवनों को व्यापार लाइसेंस या बिजली का कनेक्शन न दिया जाए।
आपदा दुर्घटना की स्थिति में सभी संबंधित विभागों का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए। आपदा की स्थिति में त्वारित उपचार के लिए अस्पतालों के सभी इमरजेंसी वार्डों, आईसीयू, एनआईसीयू में जरूरी सुविधाएं तैयार रहनी चाहिए। अस्पताल के कर्मियों को आपदाग्रस्त व्यक्तियों और मरीजों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। प्रदेश के सभी अस्पतालों की फायर ऑडिट कराई जाए।
शासनादेश के मुताबिक आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। वाहन पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होंगी। बेसमेंट में कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी चलाने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेट लेना होगा। आवासीय व व्यावसायिक भवनों में कनेक्शन के अनुरूप से विद्युत भार का प्रयोग किया जाए। तय भार से अधिक उपयोग पर कार्रवाई होगी। हर तहसील में अग्निशमन केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।
प्रवेश व निकासी द्वार अलग हो
शासनादेश में कहा गया है कि भवनों, प्रतिष्ठानों व संस्थानों में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार हो। फायर एनओसी को समुचित ढंग से भवन परिसर में लगाया जाए। सभी कोचिंग सेंटर का विधिवत पंजीकरण कराया जाए। आवासीय व व्यावसायिक भवनों का निर्माण पास नक्शे के अनुरूप किया जाए।