फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   UP: 15 sentenced to five years in prison for infiltrating India via Bangladesh; NIA court delivers verdict.

UP: बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसपैठ करने पर 15 को पांच साल की सजा, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

Mon, 06 Jul 2026 08:00 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 06 Jul 2026 08:00 PM IST
सार

अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने और फर्जी पहचान पत्र बनवाकर भारतीय नागरिक के रूप में रहने के मामले में 15 दोषियों को अदालत ने पांच वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। जांच में मानव तस्करी, जाली दस्तावेज और संगठित नेटवर्क के संचालन के तथ्य सामने आए।

विज्ञापन
UP: 15 sentenced to five years in prison for infiltrating India via Bangladesh; NIA court delivers verdict.
lawyer advocate and court - फोटो : adobestock

विस्तार

बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसपैठ करने वाले 15 लोगों को एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सभी को 28 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। दोषी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से प्रवेश कर पहचान बदलकर भारतीय नागरिक के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट बनवाते थे।

विज्ञापन


एनआईए की अदालत में जिन बांग्लादेशी एवं रोहिंग्याओं को कैद की सजा सुनाई गई है। इसमें सभी बांग्लादेश से आकर पश्चिम बंगाल में चोरी छुपे रह रहे थे। जिन लोगों को सजा सुनाई गई है उनमें महफूजुर रहमान, अल अमीन अहमद, खोखन सरदार, अलाउद्दीन तारीख, जमील अहमद, हुसैन मोहम्मद फहद, शखावत खान असीदुल इस्लाम, जैबुल इस्लाम, राजीव हुसैन, मोमीनूर इस्लाम, मेहंदी हसन, साओन अहमद, मोहम्मद जमील और नूर अमीन शामिल हैं। 
विज्ञापन


कोर्ट को बताया गया कि एटीएस को काफी समय से सूचना प्राप्त हो रही थी कि एक आपराधिक षडयंत्र के तहत मिथुन मंडल, विक्रम सिंह, महफुजूर, समीर मंडल उर्फ टोनी, मो जमील व अन्य कुछ बांग्लादेश के लोगों के साथ भारत में घुसपैठ कर रहे हैं। ये लोग एक सिंडिकेट बनाकर बांग्लादेश एवं म्यांमार के नागरिकों को अवैध रूप से भारत बांग्लादेश सीमा में प्रवेश कराकर उनकी पहचान बदलकर भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित करने के लिए उनका फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड व पासपोर्ट भी बनवा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में यह भी बताया गया था कि इस सिंडीकेट के ने ऐसे बांग्लादेशी रोहिंग्या लोगों जिनका कूटरचित अभिलेखों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया गया है, उनसे अवैध धन अर्जित करने के सामान्य आशय से उन्हें मानव तस्करी के जरिए भारत के विभिन्न देशों में भेजा जा रहा है। इस सूचना पर एटीएस ने अक्तूबर 2021 में सभी को भिन्न-भिन्न जगहों से गिरफ्तार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed