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Ayodhya News: गैंगस्टर कोर्ट से दो सगे भाई बाइज्जत बरी
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अयोध्या। वर्ष 2011 में थाना कैंट के तत्कालीन थानाध्यक्ष भरत राज सिंह की तहरीर पर गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट मोहिंदर कुमार ने अभियुक्त राजेश पासवान व राकेश पासवान को सबूत के अभाव में दोष मुक्त करते हुए बाइज्जत रिहा कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक 27 जनवरी, 2011 को थानाध्यक्ष कैंट भरत राज सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। फतेहपुर सरैया निवासी धनीराम के पुत्र राजेश व राकेश कुमार पासवान, वंश राज यादव और बरसाती कोरी से क्षेत्र में भय व्याप्त होने की उन्हें सूचना मिली। पता चला कि गैंग सरगना राजेश कुमार पासवान अपने सहयोगियों के साथ कच्ची शराब बनाकर व्यवसाय करता है। उनके खिलाफ जहरीली शराब व्यवसाय का मुकदमा भी दर्ज है। आरोपी वंशराज की जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मृत्यु हो गई। वहीं एक अन्य आरोपी बरसाती का मुकदमा के विचारण के दौरान निधन हो गया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिस जहरीली शराब व्यवसाय को आधार बनाकर राजेश व राकेश के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही संचालित की गई, उसमें सभी अभियुक्त सबूत के अभाव में दोष मुक्त होकर बरी हो गए हैं। न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात सबूत के अभाव में दोनों सगे भाइयों राजेश व राकेश को बरी कर दिया।
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अभियोजन के मुताबिक 27 जनवरी, 2011 को थानाध्यक्ष कैंट भरत राज सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। फतेहपुर सरैया निवासी धनीराम के पुत्र राजेश व राकेश कुमार पासवान, वंश राज यादव और बरसाती कोरी से क्षेत्र में भय व्याप्त होने की उन्हें सूचना मिली। पता चला कि गैंग सरगना राजेश कुमार पासवान अपने सहयोगियों के साथ कच्ची शराब बनाकर व्यवसाय करता है। उनके खिलाफ जहरीली शराब व्यवसाय का मुकदमा भी दर्ज है। आरोपी वंशराज की जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मृत्यु हो गई। वहीं एक अन्य आरोपी बरसाती का मुकदमा के विचारण के दौरान निधन हो गया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिस जहरीली शराब व्यवसाय को आधार बनाकर राजेश व राकेश के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही संचालित की गई, उसमें सभी अभियुक्त सबूत के अभाव में दोष मुक्त होकर बरी हो गए हैं। न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात सबूत के अभाव में दोनों सगे भाइयों राजेश व राकेश को बरी कर दिया।
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